📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Envision Studio
राजनीति
कांग्रेस ने ब्रिक्स घोषणा में लद्दाख, अरुणाचल का उल्लेख न होने पर भारत से चीन के कब्जे पर स्पष्ट मांग की
✍️ NDTV
🗓 13 सित. 2026, 05:54 PM
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कांग्रेस की सांसद नाना पाटो ने ब्रिक्स घोषणा में लद्दाख और अरुणाचल के चीन द्वारा कब्जे का उल्लेख न होने की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री से चीन के वापसी की मांग करने का आग्रह किया।
भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए ब्राज़ील जा रहा है, जिसमें ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। शिखर सम्मेलन का घोषणा पत्र कल जारी किया गया, जिसमें आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर सहयोग का उल्लेख है।
कांग्रेस की सांसद नाना पाटो ने दस्तावेज़ की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें लद्दाख और अरुणाचल के विवादित क्षेत्र, जिन्हें चीन ने कब्जा कर रखा है, का उल्लेख नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे इस मंच पर चीन से इन क्षेत्रों से हटने की मांग करें।
पाटो ने कहा कि भारत के लिए शिखर सम्मेलन से सबसे बड़ा लाभ स्पष्ट वक्तव्य होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विवादित क्षेत्रों का अनदेखा करना एक स्पष्ट चूक है।
यह टिप्पणी तब आई है जब भारत अपनी सीमा सुरक्षा और चीन के प्रभाव का मुकाबला करने की स्थिति को मजबूत करना चाहता है। विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान से सरकार को ब्रिक्स वार्ताओं में अधिक दृढ़ रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
कांग्रेस की सांसद नाना पाटो ने दस्तावेज़ की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें लद्दाख और अरुणाचल के विवादित क्षेत्र, जिन्हें चीन ने कब्जा कर रखा है, का उल्लेख नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे इस मंच पर चीन से इन क्षेत्रों से हटने की मांग करें।
पाटो ने कहा कि भारत के लिए शिखर सम्मेलन से सबसे बड़ा लाभ स्पष्ट वक्तव्य होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विवादित क्षेत्रों का अनदेखा करना एक स्पष्ट चूक है।
यह टिप्पणी तब आई है जब भारत अपनी सीमा सुरक्षा और चीन के प्रभाव का मुकाबला करने की स्थिति को मजबूत करना चाहता है। विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान से सरकार को ब्रिक्स वार्ताओं में अधिक दृढ़ रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।