📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Binu jayakrishnan
टेक्नोलॉजी
कोचिन एयरपोर्ट ने बायोमास ऊर्जा प्रणाली से उत्सर्जन घटाने की पहल की
✍️ Asianet Newsable
🗓 19 सित. 2026, 09:16 PM
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कोचिन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने बायोमास ऊर्जा प्रणाली स्थापित की है, जिससे कार्बन उत्सर्जन घटेगा और पर्यावरणीय संचालन बेहतर होंगे।
कोचिन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने बायोमास ऊर्जा प्रणाली (BME) को लागू किया है, जिसका उद्देश्य हवाई अड्डे के संचालन से होने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना है।
यह प्रणाली उन्नत बायो‑फ्यूल तकनीक को समाहित करती है, जिससे ग्राउंड सपोर्ट उपकरणों की ईंधन दक्षता बढ़ाकर कार्बन पदचिह्न घटाया जा सके।
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि यह उन्नयन हवाई अड्डे की स्थिरता रणनीति और राष्ट्रीय स्तर पर हरित विमानन के लक्ष्यों के अनुरूप है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि नया सिस्टम हवाई अड्डे को 2030 के दशक के मध्य तक कार्बन‑न्यूट्रल बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा।
यह प्रणाली उन्नत बायो‑फ्यूल तकनीक को समाहित करती है, जिससे ग्राउंड सपोर्ट उपकरणों की ईंधन दक्षता बढ़ाकर कार्बन पदचिह्न घटाया जा सके।
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि यह उन्नयन हवाई अड्डे की स्थिरता रणनीति और राष्ट्रीय स्तर पर हरित विमानन के लक्ष्यों के अनुरूप है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि नया सिस्टम हवाई अड्डे को 2030 के दशक के मध्य तक कार्बन‑न्यूट्रल बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा।