📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Luca Galuzzi (Lucag)
विदेश
चीन के यरलुंग त्सांगपो पर बड़े बांध से भारत में ब्रह्मपुत्र जल प्रवाह को लेकर चिंता
✍️ NDTV
🗓 29 अग. 2026, 03:06 AM
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एक वीडियो में चीन के यरलुंग त्सांगपो पर बड़े बांध के निर्माण को दिखाते हुए, भारत में नीचे बहने वाले ब्रह्मपुत्र जल पर संभावित असर की चर्चा की गई है।
चीन ने यरलुंग त्सांगपो नदी पर एक विशाल जलविद्युत परियोजना को आगे बढ़ा रखा है, जो भारत में प्रवेश करने पर ब्रह्मपुत्र बनती है। इस बांध को “मेगा‑डैम” कहा जा रहा है और यह नदी की ऊर्जा क्षमता को उपयोग में लाने के चीन के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस संरचना से बीजिंग को मौसमी जल प्रवाह को नियंत्रित करने की क्षमता मिल सकती है, जिससे असम सहित नीचे बहने वाले क्षेत्रों में कृषि सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन और बाढ़ प्रबंधन पर असर पड़ सकता है।
भारत ने पहले भी अपस्ट्रीम विकास को लेकर चिंता जताई है और चीन से डेटा साझा करने तथा संयुक्त मूल्यांकन करने का आग्रह किया है। वीडियो में इस संबंध में बीजिंग की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दिखी।
NDTV द्वारा प्रकाशित इस वीडियो में नई जानकारी नहीं दी गई, पर यह प्रश्न उठाता है कि यदि बांध के संचालन को नीचे के हितों के साथ समन्वित नहीं किया गया तो भारत की जल सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस संरचना से बीजिंग को मौसमी जल प्रवाह को नियंत्रित करने की क्षमता मिल सकती है, जिससे असम सहित नीचे बहने वाले क्षेत्रों में कृषि सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन और बाढ़ प्रबंधन पर असर पड़ सकता है।
भारत ने पहले भी अपस्ट्रीम विकास को लेकर चिंता जताई है और चीन से डेटा साझा करने तथा संयुक्त मूल्यांकन करने का आग्रह किया है। वीडियो में इस संबंध में बीजिंग की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दिखी।
NDTV द्वारा प्रकाशित इस वीडियो में नई जानकारी नहीं दी गई, पर यह प्रश्न उठाता है कि यदि बांध के संचालन को नीचे के हितों के साथ समन्वित नहीं किया गया तो भारत की जल सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ेगा।