📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumit choudhary jaat
यात्रा
छत्तीसगढ़ के उल्टा पानी का रहस्य, पर्यटन बोर्ड के प्रबंध निदेशक ने कहा
✍️ The New Indian Express
🗓 18 सित. 2026, 10:01 PM
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छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध निदेशक ने उल्टा पानी के जल प्रवाह को अद्भुत आकर्षण बताया, जो पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध निदेशक ने “उल्टा पानी” स्थल को उजागर किया, जहाँ जल गुरुत्वाकर्षण के विपरीत बहता दिखता है, और इसे राज्य की एक अनोखी प्राकृतिक आकर्षण बताया। इस स्थल पर पानी ऊपर की ओर बहता हुआ प्रतीत होता है, जिससे पर्यटकों में आश्चर्य और जिज्ञासा उत्पन्न होती है।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह दुर्लभ दृश्य अनुभव छत्तीसगढ़ की पर्यटन प्रोफ़ाइल को समृद्ध कर सकता है। यदि जिम्मेदारी से प्रचारित किया जाए तो ऐसे प्राकृतिक चमत्कार राज्य की वन‑संसाधनों और सांस्कृतिक धरोहर के साथ एक विविध आकर्षण जोड़ सकते हैं।
राज्य के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए सुरक्षित है और बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। बोर्ड आगामी प्रचार अभियानों और गाइडेड टूर में उल्टा पानी को प्रमुखता से शामिल करने की योजना बना रहा है, ताकि अनोखे गंतव्य की तलाश करने वाले घरेलू यात्रियों को आकर्षित किया जा सके।
विज्ञानियों का मानना है कि इस दृश्य भ्रम का कारण भू-आकृति की ढलान और जल दबाव का संयोजन है, जबकि विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन अभी जारी है। पर्यटन विभाग आशा करता है कि निरंतर शोध और पर्यटक रुचि इस स्थल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगी।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह दुर्लभ दृश्य अनुभव छत्तीसगढ़ की पर्यटन प्रोफ़ाइल को समृद्ध कर सकता है। यदि जिम्मेदारी से प्रचारित किया जाए तो ऐसे प्राकृतिक चमत्कार राज्य की वन‑संसाधनों और सांस्कृतिक धरोहर के साथ एक विविध आकर्षण जोड़ सकते हैं।
राज्य के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए सुरक्षित है और बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। बोर्ड आगामी प्रचार अभियानों और गाइडेड टूर में उल्टा पानी को प्रमुखता से शामिल करने की योजना बना रहा है, ताकि अनोखे गंतव्य की तलाश करने वाले घरेलू यात्रियों को आकर्षित किया जा सके।
विज्ञानियों का मानना है कि इस दृश्य भ्रम का कारण भू-आकृति की ढलान और जल दबाव का संयोजन है, जबकि विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन अभी जारी है। पर्यटन विभाग आशा करता है कि निरंतर शोध और पर्यटक रुचि इस स्थल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगी।