📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ms Sarah Welch
बिज़नेस
छत्तीसगढ़ ने 2025 के रेत खनन नियमों में डिजिटल नीलामी लागू की
✍️ Daily Pioneer
🗓 07 सित. 2026, 08:38 AM
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छत्तीसगढ़ सरकार ने 2025 के लिए नए रेत खनन नियम जारी किए हैं, जिसमें खनन लाइसेंस की डिजिटल नीलामी अनिवार्य की गई है, जिससे पारदर्शिता और राजस्व में वृद्धि होगी।
छत्तीसगढ़ ने रेत खनन नियम 2025 जारी किए हैं, जो नदी रेत के निष्कर्षण को आधुनिकीकरण करने के उद्देश्य से तैयार किया गया एक नियामक ढांचा है। इन नियमों की प्रमुख विशेषता खनन लाइसेंस के आवंटन के लिए ऑनलाइन नीलामी प्रणाली का परिचय है, जिससे पहले की मैन्युअल और अक्सर अस्पष्ट प्रक्रिया समाप्त होगी।
सूचना के अनुसार, सभी रेत खनन अनुमति के आवेदन एक विशेष डिजिटल पोर्टल के माध्यम से जमा किए जाएंगे, जहाँ इच्छुक पक्ष वास्तविक समय में बोली लगा सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली अवैध खनन को रोकने, लाइसेंस आवंटन से जुड़े विवादों को घटाने और राज्य कोष में नीलामी राजस्व बढ़ाने में मदद करेगी।
नियमों में कड़े पर्यावरणीय उपाय भी शामिल हैं, जैसे अनिवार्य प्रभाव आकलन और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नियमित निगरानी। उल्लंघन करने पर जुर्माना से लेकर लाइसेंस रद्द करने तक की सजा लागू होगी। उद्योग के प्रतिनिधियों को नई प्रक्रियाओं से परिचित होने की सलाह दी गई है, क्योंकि इस वर्ष के अंत में पहला नीलामी चक्र शुरू होने वाला है।
राज्य अधिकारियों ने कहा कि यह डिजिटल परिवर्तन व्यापक ई‑गवर्नेंस पहलों के साथ संरेखित है और छत्तीसगढ़ के रेत खनन क्षेत्र को राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप लाएगा। इन सुधारों से पर्यावरण और राज्य की वित्तीय स्थिति दोनों को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है।
सूचना के अनुसार, सभी रेत खनन अनुमति के आवेदन एक विशेष डिजिटल पोर्टल के माध्यम से जमा किए जाएंगे, जहाँ इच्छुक पक्ष वास्तविक समय में बोली लगा सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली अवैध खनन को रोकने, लाइसेंस आवंटन से जुड़े विवादों को घटाने और राज्य कोष में नीलामी राजस्व बढ़ाने में मदद करेगी।
नियमों में कड़े पर्यावरणीय उपाय भी शामिल हैं, जैसे अनिवार्य प्रभाव आकलन और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नियमित निगरानी। उल्लंघन करने पर जुर्माना से लेकर लाइसेंस रद्द करने तक की सजा लागू होगी। उद्योग के प्रतिनिधियों को नई प्रक्रियाओं से परिचित होने की सलाह दी गई है, क्योंकि इस वर्ष के अंत में पहला नीलामी चक्र शुरू होने वाला है।
राज्य अधिकारियों ने कहा कि यह डिजिटल परिवर्तन व्यापक ई‑गवर्नेंस पहलों के साथ संरेखित है और छत्तीसगढ़ के रेत खनन क्षेत्र को राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप लाएगा। इन सुधारों से पर्यावरण और राज्य की वित्तीय स्थिति दोनों को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है।