📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
सरकारी योजना
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल से इन्फ्रास्ट्रक्चर में विस्तार का निर्णय लिया
✍️ Indian Masterminds
🗓 31 अक्टू. 2026, 03:33 PM
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छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने पब्लिक‑प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में विस्तार का निर्णय लिया।
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने आज एक बयान जारी किया जिसमें पब्लिक‑प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) ढांचे के तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में विस्तार की योजना बताई गई। इस कदम का उद्देश्य निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और पूंजी को आवास से परे परियोजनाओं में लाना है।
PPP मॉडल के अंतर्गत बोर्ड निजी कंपनियों के साथ मिलकर सड़कों, पुलों और उपयोगिता नेटवर्क जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्तियों को डिजाइन, वित्तपोषित, निर्माण और रखरखाव करेगा। यह साझेदारी संरचना राज्य के वित्तीय भार को कम करने के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने की उम्मीद है।
बोर्ड उच्च‑प्रभाव वाले परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रहा है, जिनमें कनेक्टिविटी कॉरिडोर और जल आपूर्ति प्रणालियाँ शामिल हैं। निजी निवेश का लाभ उठाकर, बोर्ड परियोजना समयसीमा को तेज करने और गुणवत्ता मानकों को सुधारने की आशा रखता है।
अधिकारियों का अनुमान है कि पहल का पहला चरण अगले वित्तीय वर्ष में शुरू होगा, और एक विस्तृत रोडमैप और चयन मानदंड जल्द ही जारी किया जाएगा। यह विस्तार छत्तीसगढ़ की व्यापक रणनीति को दर्शाता है, जो इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और निजी निवेश को आकर्षित करने पर केंद्रित है।
PPP मॉडल के अंतर्गत बोर्ड निजी कंपनियों के साथ मिलकर सड़कों, पुलों और उपयोगिता नेटवर्क जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्तियों को डिजाइन, वित्तपोषित, निर्माण और रखरखाव करेगा। यह साझेदारी संरचना राज्य के वित्तीय भार को कम करने के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने की उम्मीद है।
बोर्ड उच्च‑प्रभाव वाले परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रहा है, जिनमें कनेक्टिविटी कॉरिडोर और जल आपूर्ति प्रणालियाँ शामिल हैं। निजी निवेश का लाभ उठाकर, बोर्ड परियोजना समयसीमा को तेज करने और गुणवत्ता मानकों को सुधारने की आशा रखता है।
अधिकारियों का अनुमान है कि पहल का पहला चरण अगले वित्तीय वर्ष में शुरू होगा, और एक विस्तृत रोडमैप और चयन मानदंड जल्द ही जारी किया जाएगा। यह विस्तार छत्तीसगढ़ की व्यापक रणनीति को दर्शाता है, जो इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और निजी निवेश को आकर्षित करने पर केंद्रित है।