📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amiyashrivastava (talk) (Uploads)
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने तलाक दिया, पति/पत्नी को बुजुर्ग माता-पिता से अलग नहीं किया जा सकता
✍️ indianexpress.com
🗓 01 सित. 2026, 03:32 PM
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने तलाक दिया, यह कहा कि पति‑पत्नी को अपने बुजुर्ग माता‑पिता से अलग नहीं किया जा सकता।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक तलाक के मामले में ऐसा फ़ैसला सुनाया जिसमें बुजुर्ग माता‑पिता के अधिकारों को प्रमुखता दी गई। कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवाद को कारण बनाकर किसी पति‑पत्नी को अपने बुजुर्ग माता‑पिता से अलग करने की कोशिश कानून के विरुद्ध है।
न्यायालय ने यह रेखांकित किया कि पारिवारिक कानून को वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और देखभाल की रक्षा करनी चाहिए, और किसी भी प्रकार का अलग‑थलग करना नैतिक एवं कानूनी सिद्धांतों के खिलाफ है।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय हिंदू विवाह अधिनियम की उन धाराों को सुदृढ़ करता है जो माता‑पिता के कल्याण को matrimonial मामलों में प्राथमिकता देता है, और राज्य भर में समान मामलों पर असर डाल सकता है।
न्यायालय ने यह रेखांकित किया कि पारिवारिक कानून को वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और देखभाल की रक्षा करनी चाहिए, और किसी भी प्रकार का अलग‑थलग करना नैतिक एवं कानूनी सिद्धांतों के खिलाफ है।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय हिंदू विवाह अधिनियम की उन धाराों को सुदृढ़ करता है जो माता‑पिता के कल्याण को matrimonial मामलों में प्राथमिकता देता है, और राज्य भर में समान मामलों पर असर डाल सकता है।