📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Social Justice and Empowerment
बिज़नेस
छत्तीसगढ़ के सीएम ने महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता के लिए खोज‑खनन पर बल दिया
✍️ ANI News
🗓 31 अग. 2026, 11:36 PM
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू उत्पादन की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और राज्य में खोज‑खनन को तेज़ करने का आह्वान किया।
रायपुर, 31 अगस्त — छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने भारत को लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ पृथ्वी जैसे महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक बताया। उन्होंने राज्य सरकार और निजी क्षेत्र से भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण तेज़ करने और खनन परियोजनाओं को शीघ्रता से आगे बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि आयात पर निर्भरता घटे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की समृद्ध भूवैज्ञानिक संरचना में कई अनछुए संसाधन मौजूद हैं, जिन्हें जिम्मेदारी से विकसित करने से स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और रक्षा आवश्यकताओं को समर्थन मिलेगा। उन्होंने निवेश प्रोत्साहन और पर्यावरणीय सुरक्षा को संतुलित करने वाले नीतिगत ढाँचे की भी मांग की।
यह अपील केंद्र सरकार के "आत्मनिर्भर भारत" पहल के साथ मेल खाती है, जिसका लक्ष्य रणनीतिक संसाधनों की आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करना है। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान और पात्र परियोजनाओं के लिए तेज़ मंजूरी प्रक्रिया हेतु एक टास्क‑फ़ोर्स बनाया जाएगा।
उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिससे रोजगार सृजन और राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा में भी योगदान होगा।
मुख्यमंत्री ने शीघ्र कार्यवाही की आवश्यकता पर बल दिया, यह कहते हुए कि देरी होने पर उन उभरती तकनीकों की प्रतिस्पर्धात्मकता पर असर पड़ेगा, जिनके लिए इन खनिजों की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की समृद्ध भूवैज्ञानिक संरचना में कई अनछुए संसाधन मौजूद हैं, जिन्हें जिम्मेदारी से विकसित करने से स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और रक्षा आवश्यकताओं को समर्थन मिलेगा। उन्होंने निवेश प्रोत्साहन और पर्यावरणीय सुरक्षा को संतुलित करने वाले नीतिगत ढाँचे की भी मांग की।
यह अपील केंद्र सरकार के "आत्मनिर्भर भारत" पहल के साथ मेल खाती है, जिसका लक्ष्य रणनीतिक संसाधनों की आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करना है। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान और पात्र परियोजनाओं के लिए तेज़ मंजूरी प्रक्रिया हेतु एक टास्क‑फ़ोर्स बनाया जाएगा।
उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिससे रोजगार सृजन और राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा में भी योगदान होगा।
मुख्यमंत्री ने शीघ्र कार्यवाही की आवश्यकता पर बल दिया, यह कहते हुए कि देरी होने पर उन उभरती तकनीकों की प्रतिस्पर्धात्मकता पर असर पड़ेगा, जिनके लिए इन खनिजों की आवश्यकता है।