📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Eximius.vkm
टेक्नोलॉजी
ChatGPT ट्रेंड से बनें 80 के दशक की केरल‑स्टाइल तस्वीरें
✍️ Hindustan Times
🗓 09 सित. 2026, 10:04 PM
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एक नई ऑनलाइन ट्रेंड में पाँच विशेष प्रॉम्प्ट से केरल के 80 के दशक की शैली की AI‑तस्वीरें बनायीं जा रही हैं।
हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा उजागर किए गए एक नए ट्रेंड में दिखाया गया है कि कैसे उपयोगकर्ता चैटजीपीटी की इमेज‑जनरेशन क्षमता का उपयोग करके 1980 के दशक के केरल की दृश्य शैली को पुनः निर्मित कर सकते हैं। इस गाइड में पाँच विशेष प्रॉम्प्ट दिए गए हैं जो एआई को उस युग की विशिष्ट रंग‑छटा, पारंपरिक पोशाक और बैकवॉटर दृश्यों की ओर निर्देशित करते हैं।
इन प्रॉम्प्ट में रेट्रो लाइटिंग, पारंपरिक ஹௌஸ்போட், पाम‑लाइन वाली सड़कें और उस समय की फैशन जैसी चीज़ों पर ज़ोर दिया गया है, जिससे मॉडल ऐसा चित्र बनाता है जो पुराने पारिवारिक फ़ोटो जैसा दिखता है। "सॉफ्ट पेस्टल टोन" और "ग्रेनी फ़िल्म टेक्सचर" जैसी विशिष्टताओं को जोड़कर एआई एनालॉग कैमरों की लुक को दोहराता है।
सोशल मीडिया पर इस प्रॉम्प्ट सेट के प्रसार के बाद तकनीकी उत्साही और पुरानी यादों के प्रेमी दोनों की रुचि बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र‑विशिष्ट रेट्रो इमेजरी बनाना जनरेटिव एआई टूल्स की सांस्कृतिक कहानी कहने में बढ़ती बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है।
इन प्रॉम्प्ट में रेट्रो लाइटिंग, पारंपरिक ஹௌஸ்போட், पाम‑लाइन वाली सड़कें और उस समय की फैशन जैसी चीज़ों पर ज़ोर दिया गया है, जिससे मॉडल ऐसा चित्र बनाता है जो पुराने पारिवारिक फ़ोटो जैसा दिखता है। "सॉफ्ट पेस्टल टोन" और "ग्रेनी फ़िल्म टेक्सचर" जैसी विशिष्टताओं को जोड़कर एआई एनालॉग कैमरों की लुक को दोहराता है।
सोशल मीडिया पर इस प्रॉम्प्ट सेट के प्रसार के बाद तकनीकी उत्साही और पुरानी यादों के प्रेमी दोनों की रुचि बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र‑विशिष्ट रेट्रो इमेजरी बनाना जनरेटिव एआई टूल्स की सांस्कृतिक कहानी कहने में बढ़ती बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है।