📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Institution:Prime Minister's Office (India)
अपराध
CBI ने पंजाब फाइल में 21 ‘संकटग्रस्त’ ट्रांसफर और 11 नीति बदलावों का प्रमाण पेश किया
✍️ The Times of India
🗓 09 अक्टू. 2026, 07:31 AM
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केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पंजाब फाइल में 21 ‘संकटग्रस्त’ पदस्थापनों और 11 नीति बदलावों के प्रमाण प्रस्तुत किए।
नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंजाब से संबंधित एक फाइल सौंप दी है, जिसमें 21 प्रशासनिक पदस्थापनों के ‘संकटग्रस्त’ होने के ठोस प्रमाण दर्शाए गए हैं। उसी फाइल में ग्यारह सरकारी नीतियों में किए गए बदलावों का भी उल्लेख है, जिन्हें एजेंसी ने इन अनियमितताओं से जोड़ा है।
फाइल के अनुसार, इन 21 पदस्थापनों में मानक प्रक्रियाओं से हटकर कार्य किया गया, जिससे नियुक्तियों में अनुचित प्रभाव की संभावना पर सवाल उठते हैं। इन ग्यारह नीति बदलावों को इन स्थानांतरणों के साथ समन्वित रूप से लागू किया गया बताया गया है, जिससे प्रशासनिक परिणामों को बदलने का इरादा स्पष्ट होता है।
CBI ने शामिल अधिकारियों के नाम नहीं बताए हैं, क्योंकि जांच की अखंडता बनाए रखने की आवश्यकता है। एजेंसी ने कहा कि इस फाइल को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित निगरानी निकायों को प्रस्तुत किया जाएगा।
कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने बताया कि यह सबूत दस्तावेज़ी प्रमाण और जांच के दौरान प्राप्त आंतरिक संवादों पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा कि फाइल में उजागर किसी भी अधिकार के दुरुपयोग को मौजूदा भ्रष्टाचार विरोधी कानूनों के तहत सख्ती से दंडित किया जाएगा।
पंजाब फाइल का प्रकाशन राज्य स्तर पर प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच में CBI की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है और सार्वजनिक सेवा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उसके मिशन को सुदृढ़ करता है।
फाइल के अनुसार, इन 21 पदस्थापनों में मानक प्रक्रियाओं से हटकर कार्य किया गया, जिससे नियुक्तियों में अनुचित प्रभाव की संभावना पर सवाल उठते हैं। इन ग्यारह नीति बदलावों को इन स्थानांतरणों के साथ समन्वित रूप से लागू किया गया बताया गया है, जिससे प्रशासनिक परिणामों को बदलने का इरादा स्पष्ट होता है।
CBI ने शामिल अधिकारियों के नाम नहीं बताए हैं, क्योंकि जांच की अखंडता बनाए रखने की आवश्यकता है। एजेंसी ने कहा कि इस फाइल को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित निगरानी निकायों को प्रस्तुत किया जाएगा।
कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने बताया कि यह सबूत दस्तावेज़ी प्रमाण और जांच के दौरान प्राप्त आंतरिक संवादों पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा कि फाइल में उजागर किसी भी अधिकार के दुरुपयोग को मौजूदा भ्रष्टाचार विरोधी कानूनों के तहत सख्ती से दंडित किया जाएगा।
पंजाब फाइल का प्रकाशन राज्य स्तर पर प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच में CBI की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है और सार्वजनिक सेवा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उसके मिशन को सुदृढ़ करता है।