🔥 ट्रेंडिंग Karnataka Cabinet Approves ₹729 Crore... దసరా పండుగ ఏ రోజు జరుపుకోవాలి అనే విషయ... बांका में दुर्गा पूजा की सुरक्षा के लि... उत्त प्रदेश के 75 वर्षीय व्यक्ति की 30... IDFC બેંકનો 52,878 કરોડ રૂપિયામાં સોદો... उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में विशेष सा...
17 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
बोरवेल में फंसा 9 साल का लड़का
वायरल

बोरवेल में फंसा 9 साल का लड़का

✍️ रिपोर्टर: Sukhram 🗓 17 अक्टू. 2026, 02:12 PM 👁 41
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

बोरवेल में फंसा 9 साल का लड़का

😢 राजस्थान: 39 घंटे तक बोरवेल में फंसा रहा 9 साल का भोमाराम, रेस्क्यू के बाद भी नहीं बच सकी जान
फलोदी, राजस्थान | 17 अक्टूबर 2026
राजस्थान के फलोदी जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। लोहावट क्षेत्र की नौसर ग्राम पंचायत के पूनिया की ढाणी में 9 वर्षीय मासूम भोमाराम भील खुले बोरवेल में गिर गया। बच्चे को बचाने के लिए करीब 39 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। �
Amar Ujala +1
📍 कैसे हुआ हादसा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 15 अक्टूबर को दोपहर करीब 12:30 बजे भोमाराम अपने पिता पांचाराम भील के खेत में था। खेत में खराब हुई बोरवेल की मोटर और पाइप निकालने का काम चल रहा था। इसी दौरान बच्चा खुले बोरवेल में गिर गया।
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और प्रशासन को सूचना दी गई। �
Live Hindustan +1
🚨 1050 फीट गहरा था बोरवेल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोरवेल की कुल गहराई लगभग 1050 फीट थी और भोमाराम करीब 640 फीट की गहराई पर फंसा हुआ था।
बचाव दल ने कैमरे की मदद से बच्चे की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की। शुरुआती दौर में उसकी हलचल दिखाई देने की खबर आई थी। बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने सहित उसे बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए गए। �
Live Hindustan +1
🛠️ पत्थर बना रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा
बचाव अभियान के दौरान बोरवेल के भीतर फंसे पत्थर के कारण काफी परेशानी हुई। पत्थर की वजह से उपकरणों को नीचे पहुंचाना मुश्किल हो रहा था।
इसके बाद एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), स्थानीय प्रशासन और देसी तकनीक से रेस्क्यू करने वाले विशेषज्ञों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया।
लोहे की सरियों से विशेष उपकरण तैयार करके पत्थर को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद भी बच्चे को बचाया नहीं जा सका। �
Live Hindustan +1
💔 39 घंटे बाद बाहर निकाला गया भोमाराम
लगातार करीब 39 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शनिवार, 17 अक्टूबर की सुबह लगभग 3:30 से 3:35 बजे के बीच भोमाराम को बाहर निकाला गया।
उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस खबर से परिवार में शोक छा गया और पूरे गांव में मातम पसर गया। �
Live Hindustan +1
🙏 खुले बोरवेल से कब मिलेगी मुक्ति?
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर खुले और असुरक्षित बोरवेल से होने वाले खतरों की याद दिलाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बोरवेल का मुंह खुला छोड़ना बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
प्रशासन और आम लोगों के लिए जरूरी संदेश:
इस्तेमाल नहीं होने वाले बोरवेल को सुरक्षित तरीके से बंद किया जाए।
बोरवेल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था रखी जाए।
मरम्मत के दौरान बच्चों को कार्यस्थल से दूर रखा जाए।
खुले बोरवेल की जानकारी तुरंत प्रशासन को दी जाए।
🕯️ भोमाराम को भावभीनी श्रद्धांजलि
एक मासूम जिंदगी का इस तरह खत्म हो जाना बेहद दुखद है। ईश्वर दिवंगत बच्चे की आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति दे।
ॐ शांति। 🙏
📲Get App