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बाराबंकी में 1100 साल पुराना मंदिर घाघरा नदी के कटान की चपेट में
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर और कटान के कारण एक 1100 साल पुराना ऐतिहासिक मंदिर खतरे में आ गया है। मंदिर महान संत बाबा नारायण दास से जुड़ा हुआ है।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में घाघरा नदी के कटान ने एक प्राचीन मंदिर को अपनी चपेट में ले लिया है। यह 1100 साल पुराना ऐतिहासिक मंदिर महान संत बाबा नारायण दास से जुड़ा हुआ है और हेतमपुर क्षेत्र में स्थित है। नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रहे कटान के कारण मंदिर का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के बीच चिंता का माहौल है। नदी के बढ़ते प्रकोप से मंदिर को बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यह मंदिर न केवल एक ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आस्था का केंद्र भी है।
घाघरा नदी के कटान से प्रभावित होने वाले यह मंदिर क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उम्मीद है कि प्रशासन इस प्राचीन धरोहर को बचाने के लिए प्रभावी उपाय करेगा।
स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के बीच चिंता का माहौल है। नदी के बढ़ते प्रकोप से मंदिर को बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यह मंदिर न केवल एक ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आस्था का केंद्र भी है।
घाघरा नदी के कटान से प्रभावित होने वाले यह मंदिर क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उम्मीद है कि प्रशासन इस प्राचीन धरोहर को बचाने के लिए प्रभावी उपाय करेगा।