📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A.Savin
देश
बॉम्बे हाई कोर्ट ने पूछा: विदेश में भारतीय ट्रैफिक नियम क्यों मानते हैं, भारत में नहीं, दुर्घटना मुआवजा बढ़ाने की मांग
✍️ LawStreet Journal
🗓 23 अग. 2026, 11:37 AM
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने भारतीय ड्राइवरों के विदेश में ट्रैफिक नियमों के पालन और भारत में लापरवाही पर सवाल उठाते हुए दुर्घटना पीड़ितों के मुआवजे में वृद्धि का आदेश दिया।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस बात पर सवाल उठाए हैं कि भारतीय विदेश में ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं, जबकि भारत में अक्सर उनका उल्लंघन करते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है।
कोर्ट ने राज्य परिवहन विभाग और मोटर दुर्घटना दावे ट्रिब्यूनल को मौजूदा मुआवजा प्रणाली की समीक्षा करने और दुर्घटना पीड़ितों के लिए क्षतिपूर्ति राशि बढ़ाने का निर्देश दिया है, ताकि चोटों की गंभीरता और परिवारों पर आर्थिक प्रभाव को ध्यान में रखा जा सके।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और पीड़ितों को उचित न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। यह आदेश विधायी सुधार और ट्रैफिक नियमों के कड़ाई से पालन को प्रेरित कर सकता है।
कोर्ट ने पुलिस एजेंसियों से जागरूकता अभियानों को तेज करने और दंड लागू करने में सुसंगतता बनाए रखने की भी अपील की है, जिससे भारत में ड्राइवरों के व्यवहार में सुधार हो सके।
कोर्ट ने राज्य परिवहन विभाग और मोटर दुर्घटना दावे ट्रिब्यूनल को मौजूदा मुआवजा प्रणाली की समीक्षा करने और दुर्घटना पीड़ितों के लिए क्षतिपूर्ति राशि बढ़ाने का निर्देश दिया है, ताकि चोटों की गंभीरता और परिवारों पर आर्थिक प्रभाव को ध्यान में रखा जा सके।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और पीड़ितों को उचित न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। यह आदेश विधायी सुधार और ट्रैफिक नियमों के कड़ाई से पालन को प्रेरित कर सकता है।
कोर्ट ने पुलिस एजेंसियों से जागरूकता अभियानों को तेज करने और दंड लागू करने में सुसंगतता बनाए रखने की भी अपील की है, जिससे भारत में ड्राइवरों के व्यवहार में सुधार हो सके।