📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / K.Venkataramana
धर्म
बोधगया में बौद्ध भिक्षुओं ने वर्षावास: तीन महीने की साधना व धम्म शिक्षा
✍️ Amar Ujala · Gaya
🗓 11 सित. 2026, 10:36 AM
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बारिश के मौसम में बोधगया के बौद्ध भिक्षु तीन महीने तक एक ही स्थान पर रहकर साधना, धम्म अध्ययन और अहिंसात्मक मार्गदर्शन देते हैं।
प्राचीन बौद्ध परम्परा वर्षावास, जिसे बरसाती ऋतु का निवास भी कहा जाता है, बोधगया में शुरू हो गया है, जहाँ बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था। अगले तीन महीने के दौरान भिक्षु एक निर्धारित मठ में रहेंगे और विनय नियम के अनुसार यात्रा नहीं करेंगे।
इस अवधि में भिक्षु गहन ध्यान, बौद्ध शास्त्रों का अध्ययन और चार आर्य सत्य पर चिंतन करेंगे। वरिष्ठ भिक्षु धम्म प्रवचन देंगे और सामान्य जनता को अहिंसा व नैतिक जीवन के सिद्धांतों पर मार्गदर्शन करेंगे।
वर्षावास को आध्यात्मिक नवीनीकरण का समय माना जाता है, जिससे भिक्षु worldly विचलनों से दूर रहकर अपने अभ्यास को गहरा कर सकते हैं। स्थानीय समुदाय इस निवास को नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक निरंतरता का अवसर मानता है।
इस अवधि में भिक्षु गहन ध्यान, बौद्ध शास्त्रों का अध्ययन और चार आर्य सत्य पर चिंतन करेंगे। वरिष्ठ भिक्षु धम्म प्रवचन देंगे और सामान्य जनता को अहिंसा व नैतिक जीवन के सिद्धांतों पर मार्गदर्शन करेंगे।
वर्षावास को आध्यात्मिक नवीनीकरण का समय माना जाता है, जिससे भिक्षु worldly विचलनों से दूर रहकर अपने अभ्यास को गहरा कर सकते हैं। स्थानीय समुदाय इस निवास को नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक निरंतरता का अवसर मानता है।