📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Eddie Mallin
मनोरंजन
बॉब मार्ले का दैनिक उद्धरण: “केवल हम ही अपने मन को मुक्त कर सकते हैं”
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 06 सित. 2026, 01:18 PM
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टाइम्स ऑफ इंडिया ने बॉब मार्ले के इस संदेश को उजागर किया कि आत्म‑मुक्ति स्वयं से ही शुरू होती है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के “कोट ऑफ द डे” में रेगे संगीत के दिग्गज बॉब मार्ले का एक पंक्ति उजागर किया गया, जिसमें उन्होंने कहा है कि केवल हम ही अपने मन को मुक्त कर सकते हैं। यह उद्धरण बिना किसी अतिरिक्त टिप्पणी के प्रस्तुत किया गया, जिससे पाठकों को इसकी दार्शनिक गहराई पर विचार करने का अवसर मिला। मार्ले के ये शब्द, उनके गीतों और सामाजिक सक्रियता से जुड़े व्यापक संदेशों का हिस्सा रहे हैं, और आज भी आत्म‑सशक्तिकरण के संदर्भ में प्रासंगिक हैं। इस उद्धरण को प्रमुखता देकर समाचारपत्र व्यक्तिगत और सामाजिक विचारधाराओं को आकार देने में सांस्कृतिक प्रतीकों की निरंतर महत्ता को रेखांकित करता है। यह छोटा लेख पाठकों को अपने मानसिक स्वतंत्रता की जिम्मेदारी स्वयं लेने की याद दिलाता है।