🔥 ट्रेंडिंग त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. मणिक साहा... होरिबा इंडिया ने 20 वर्ष पूरे किये, नई... क्रोम्पटन ने लॉन्च किया वॉलस्माइल आउटड... हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने युवाओं से... हिमाचल सरकार ने कहा, लाभार्थी राज्यों... 8वीं वेतन आयोग ने शुरू किया चंडीगढ़ मे...
16 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
बीआरएस की चुनौतियों के बीच बीजेडपी ने आज़ादी दिवस पर तेलंगाना में कदम बढ़ाया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Al Jazeera
राजनीति

बीआरएस की चुनौतियों के बीच बीजेडपी ने आज़ादी दिवस पर तेलंगाना में कदम बढ़ाया

✍️ The Indian Express 🗓 16 सित. 2026, 03:36 AM 👁 10
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

बीआरएस की समस्याओं के बीच, भाजपा ने तेलंगाना के आज़ादी दिवस को अपने राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाने का अवसर माना है।

शासन में रहने वाली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को आंतरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे तेलंगाना में उसकी चुनावी ताकत कमज़ोर हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पार्टी के भीतर विभाजन और विकास कार्यों में धीमी गति ने विपक्षी दलों के लिए अवसर पैदा किया है।

इस मौके को भुनाते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 2 जून को मनाए जाने वाले आज़ादी दिवस को अपने अभियान का मुख्य बिंदु बनाया है। पार्टी के प्रतिनिधियों ने कहा कि 1948 में हैदराबाद के एकीकरण का यह दिन राष्ट्रीय एकता और तेलंगाना के भविष्य के लिए भाजपा की दृष्टि को उजागर करने का उपयुक्त मंच है।

भाजपा की योजना में सार्वजनिक मीटिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम और उस संघर्ष में भाग लेने वाले स्थानीय दिग्गजों से संपर्क शामिल है। आज़ादी दिवस के प्रतीकात्मक महत्व को अपने संदेश में जोड़कर, पार्टी असंतुष्ट मतदाताओं को आकर्षित कर अपनी आधारशिला को मजबूत करने की आशा रखती है, विशेषकर आगामी राज्य चुनावों से पहले।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा की यह योजना महत्वाकांक्षी है, पर इसकी सफलता जमीन स्तर पर संगठनात्मक क्षमता और प्रतीकात्मक संदेश को वास्तविक समर्थन में बदलने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
📲Get App