📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / mos.ru
राजनीति
राजस्थान में कांग्रेस के किले को बचाने की जंग, कुचेरा में भाजपा ने 13 सीटों पर लगाया दांव
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 28 अग. 2026, 06:36 AM
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आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा कुचेरा में 13 सीटों पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस ने पिछली बार 25 में 22 सीटें जीती थीं।
राजस्थान विधानसभा चुनाव एक निर्णायक मोड़ पर है, जहाँ कांग्रेस अपने लंबे समय से स्थापित किले को बचाने की कोशिश कर रही है। पिछले कई चुनावों में पार्टी ने कई क्षेत्रों में भारी बहुमत हासिल किया है, जिससे वह कई जिलों में प्रमुख विकल्प बनी रही है।
पिछली बार 25 सीटों में कांग्रेस ने 22 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को कोई जीत नहीं मिली। यह अंतर कांग्रेस की गहरी पकड़ और विपक्ष के सामने मौजूद चुनौतियों को स्पष्ट करता है।
इस चुनाव में भाजपा ने कुचेरा बोर्ड को अपने मुख्य लक्ष्य के रूप में चुना है और 13 सीटों पर कब्जा करने का इरादा जताया है। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया है, घर‑घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया जा रहा है और रैलियों को तेज़ किया गया है ताकि कांग्रेस की वोट‑बेस को कम किया जा सके।
दोनों दलों ने इस संघर्ष में भारी मानवशक्ति और वित्तीय संसाधन लगाए हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी चुनाव राजस्थान की राजनीतिक धारा को बदल सकता है। कुचेरा क्षेत्र के परिणामों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि यह दर्शा सकता है कि भाजपा की नई पहल कांग्रेस की पकड़ को तोड़ पाती है या नहीं।
पिछली बार 25 सीटों में कांग्रेस ने 22 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को कोई जीत नहीं मिली। यह अंतर कांग्रेस की गहरी पकड़ और विपक्ष के सामने मौजूद चुनौतियों को स्पष्ट करता है।
इस चुनाव में भाजपा ने कुचेरा बोर्ड को अपने मुख्य लक्ष्य के रूप में चुना है और 13 सीटों पर कब्जा करने का इरादा जताया है। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया है, घर‑घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया जा रहा है और रैलियों को तेज़ किया गया है ताकि कांग्रेस की वोट‑बेस को कम किया जा सके।
दोनों दलों ने इस संघर्ष में भारी मानवशक्ति और वित्तीय संसाधन लगाए हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी चुनाव राजस्थान की राजनीतिक धारा को बदल सकता है। कुचेरा क्षेत्र के परिणामों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि यह दर्शा सकता है कि भाजपा की नई पहल कांग्रेस की पकड़ को तोड़ पाती है या नहीं।