📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
राजनीति
भाजपा विधायक अजय बिश्नोई ने एमपी की सड़कों की बदहाली और कार्य में देरी पर उठाए सवाल
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 24 अग. 2026, 06:48 PM
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भाजपा विधायक अजय बिश्नोई ने मध्यप्रदेश में सड़कों की बिगड़ती स्थिति और निर्माण कार्यों में देरी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए, कम रेट के ठेके और भ्रष्टाचार को दोषी ठहराया।
भोपाल, २४ अगस्त (एएनआई) – भाजपा विधायक अजय बिश्नोई ने मध्यप्रदेश की सड़कों की बिगड़ती स्थिति को लेकर विधानसभा में चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि कई राजमार्ग और ग्रामीण सड़कें गड्ढों और असमान सतहों से ग्रस्त हैं, जिससे यात्रियों और परिवहन संचालकों को असुविधा हो रही है।
बिश्नोई ने कहा कि कई सड़क निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हो पा रहे हैं, और अनुबंधों को बहुत कम दर पर दिया जा रहा है, जिससे काम की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और सड़कें जल्दी खराब हो रही हैं।
उन्होंने विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए, यह संकेत देते हुए कि लागत में कटौती और अनियमितताओं ने मानकों को घटा दिया है। विधायक ने निविदा प्रक्रिया की पूरी जांच और राज्य सरकार से पर्याप्त संसाधन आवंटित करने की मांग की, ताकि टिकाऊ सड़क निर्माण सुनिश्चित हो सके।
इन टिप्पणियों के बीच, मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा और कनेक्टिविटी को लेकर जनता में बढ़ती निराशा देखी जा रही है, और लोग त्वरित सुधार की मांग कर रहे हैं। सरकार ने बिश्नोई के आरोपों पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यदि इन मुद्दों की पुष्टि होती है, तो अधिकारियों को खरीद नीतियों की पुनः समीक्षा और कड़ी निगरानी लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, ताकि राज्य की सड़क नेटवर्क में भरोसा बहाल हो सके।
बिश्नोई ने कहा कि कई सड़क निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हो पा रहे हैं, और अनुबंधों को बहुत कम दर पर दिया जा रहा है, जिससे काम की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और सड़कें जल्दी खराब हो रही हैं।
उन्होंने विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए, यह संकेत देते हुए कि लागत में कटौती और अनियमितताओं ने मानकों को घटा दिया है। विधायक ने निविदा प्रक्रिया की पूरी जांच और राज्य सरकार से पर्याप्त संसाधन आवंटित करने की मांग की, ताकि टिकाऊ सड़क निर्माण सुनिश्चित हो सके।
इन टिप्पणियों के बीच, मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा और कनेक्टिविटी को लेकर जनता में बढ़ती निराशा देखी जा रही है, और लोग त्वरित सुधार की मांग कर रहे हैं। सरकार ने बिश्नोई के आरोपों पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यदि इन मुद्दों की पुष्टि होती है, तो अधिकारियों को खरीद नीतियों की पुनः समीक्षा और कड़ी निगरानी लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, ताकि राज्य की सड़क नेटवर्क में भरोसा बहाल हो सके।