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18 सित. 2026
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अडानी सौदे के बाद भाजपा ने कांग्रेस की उत्तराखंड पावर नीति पर सवाल उठाए
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
राजनीति

अडानी सौदे के बाद भाजपा ने कांग्रेस की उत्तराखंड पावर नीति पर सवाल उठाए

✍️ Pioneer Edge 🗓 18 सित. 2026, 03:37 AM 👁 10
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भाजपा ने अडानी के साथ हुए हालिया समझौते के बाद उत्तराखंड में पावर जनरेशन पर कांग्रेस की स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं।

नई दिल्ली – भाजपा ने अडानी समूह के साथ उत्तराखंड में नई ऊर्जा परियोजनाओं के समझौते के बाद पावर जनरेशन पर कांग्रेस की स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं। भाजपा के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस ने राज्य के बिजली क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए स्पष्ट नीति दिशा नहीं दी है।

अडानी समझौते में कई नवीकरणीय और थर्मल पावर प्लांटों का विकास शामिल है, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड की लगातार चल रही बिजली कमी को दूर करना है। भाजपा ने कहा कि यह समझौता सत्ता में रहने वाले गठबंधन की क्षमता बढ़ाने की प्रतिबद्धता दर्शाता है, जबकि कांग्रेस की अस्पष्ट स्थिति आगे के निजी निवेश को हतोत्साहित कर सकती है।

कांग्रेस ने अभी तक विस्तृत जवाब नहीं दिया, परंतु पार्टी के प्रवक्ता पहले भी बड़े प्रोजेक्ट में पारदर्शी बोली प्रक्रिया और पर्यावरणीय सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दे चुके हैं। यह बहस दोनों दलों के आगामी राज्य चुनावों के लिए ऊर्जा नीति को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए राजनीतिक चर्चा को तीव्र कर रही है।
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