📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Parliamentary Affairs
राजनीति
भाजपा- कांग्रेस में वंदे मातरम् मुद्दे पर तीखा टकराव
✍️ Kanak News Odisha
🗓 20 अग. 2026, 04:41 PM
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संसद में भाजपा और कांग्रेस ने वंदे मातरम् के दर्जे और उपयोग को लेकर तीखा टकराव किया, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर राष्ट्रगान को राजनीति बनाना का आरोप लगा रहे हैं।
लोकसभा के एक सत्र में भाजपा के सांसदों ने वंदे मातरम् के राष्ट्रीय महत्व को कम करने के प्रयासों पर कांग्रेस पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रगान को उसके संवैधानिक दर्जे के साथ ही बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के गाया जाना चाहिए।
इसके जवाब में कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह बहस वास्तविक सामाजिक‑आर्थिक मुद्दों से ध्यान हटाने का साधन बन रही है। उन्होंने संसद को नागरिकों के हित में नीतियों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
भारी बहस के दौरान वरिष्ठ भाजपा सांसदों ने स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम् की भूमिका को दर्शाने वाले ऐतिहासिक उद्धरण पेश किए, जबकि कांग्रेस के सांसदों ने हाल के न्यायालय के निर्णयों का हवाला देते हुए सांस्कृतिक प्रतीकों के संतुलित उपयोग की वकालत की। दोनों पक्षों ने इस मुद्दे को विस्तृत जांच के लिए संसद समिति के समक्ष ले जाने का वादा किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वंदे मातरम् विवाद अक्सर चुनावी दौर में उभरता है, जो भाजपा और कांग्रेस के बीच गहरी वैचारिक खाई को दर्शाता है। अगले आम चुनावों के निकट इस विषय को फिर से प्रमुखता मिलने की संभावना है।
सत्र में कोई ठोस समाधान नहीं निकला, और अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और शालीनता बनाए रखने का अनुरोध कर सत्र को समाप्त किया।
इसके जवाब में कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह बहस वास्तविक सामाजिक‑आर्थिक मुद्दों से ध्यान हटाने का साधन बन रही है। उन्होंने संसद को नागरिकों के हित में नीतियों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
भारी बहस के दौरान वरिष्ठ भाजपा सांसदों ने स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम् की भूमिका को दर्शाने वाले ऐतिहासिक उद्धरण पेश किए, जबकि कांग्रेस के सांसदों ने हाल के न्यायालय के निर्णयों का हवाला देते हुए सांस्कृतिक प्रतीकों के संतुलित उपयोग की वकालत की। दोनों पक्षों ने इस मुद्दे को विस्तृत जांच के लिए संसद समिति के समक्ष ले जाने का वादा किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वंदे मातरम् विवाद अक्सर चुनावी दौर में उभरता है, जो भाजपा और कांग्रेस के बीच गहरी वैचारिक खाई को दर्शाता है। अगले आम चुनावों के निकट इस विषय को फिर से प्रमुखता मिलने की संभावना है।
सत्र में कोई ठोस समाधान नहीं निकला, और अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और शालीनता बनाए रखने का अनुरोध कर सत्र को समाप्त किया।