📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Donvikro
विज्ञान
BITS पिलानी गोवा के शोधकर्ताओं ने 3डी प्रिंटेड त्वचा स्कैफोल्ड के लिए फ़ार्मा-ग्रेड बायोइंक विकसित किया
✍️ Express Pharma
🗓 25 अग. 2026, 08:04 PM
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BITS पिलानी गोवा के वैज्ञानिकों ने एक फ़ार्मास्यूटिकल पॉलिमर-आधारित बायोइंक तैयार किया है, जिसे 3डी प्रिंटेड त्वचा स्कैफोल्ड और व्यक्तिगत दवा वितरण के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
BITS पिलानी गोवा के शोधकर्ताओं ने फ़ार्मास्यूटिकल ग्रेड पॉलिमर से बना नया बायोइंक विकसित किया है। यह सामग्री 3डी प्रिंटेड त्वचा स्कैफोल्ड बनाने के लिए बनाई गई है, जो ऊतक पुनर्जनन का समर्थन करती है और साथ ही दवाओं का सटीक, अनुकूलित वितरण संभव बनाती है। बायोइंक का फॉर्मूलेशन इसे मानक बायोप्रीन्टर्स के माध्यम से निकालने योग्य बनाता है, जबकि कोशिका जीवितता और संरचनात्मक अखंडता को बनाए रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक जलन रोगियों के लिए व्यक्तिगत त्वचा ग्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया को तेज कर सकती है और पुरानी घावों के लिए लक्षित थेरेपी में सुधार कर सकती है। शोध दल ने पूर्व-नैदानिक अध्ययनों में स्कैफोल्ड का परीक्षण करने के लिए क्लिनिकल साझेदारों के साथ सहयोग करने की योजना बनाई है।