🔥 ट्रेंडिंग राजस्थान में इस वित्तीय वर्ष में 60 नए... चित्तौड़गढ़ में अंतरराज्यीय भैंस चोर ग... भीलवाड़ा किसान ने टमाटर की बंपर फसल से... મુખ્યમંત્રી ભૂપેન્દ્રભાઈ પટેલની ઉપસ્થિ... Vikas तीसरी स्मृति शेष दिवस पर याद किए गए कॉ...
01 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
एक अरब वर्ष पुराना रिफ्ट और प्राचीन समुद्र ने चत्तीसगढ़ बेसिन को आकार दिया, शोध से पता चला
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kailash Mohankar
विज्ञान

एक अरब वर्ष पुराना रिफ्ट और प्राचीन समुद्र ने चत्तीसगढ़ बेसिन को आकार दिया, शोध से पता चला

✍️ Research Matters 🗓 31 अग. 2026, 08:33 AM 👁 13
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

नई शोध से पता चला कि एक अरब वर्ष पुराना रिफ्ट और उसके बाद का प्राचीन समुद्र चत्तीसगढ़ बेसिन के आधुनिक भू-भाग को आकार देने के प्रमुख कारण थे।

Research Matters द्वारा प्रकाशित एक नवीन अध्ययन ने चत्तीसगढ़ बेसिन के निर्माण को एक अरब वर्ष पूर्व बने रिफ्ट और उसके बाद के प्राचीन समुद्र से जोड़ दिया है।

भूवैज्ञानिकों का कहना है कि यह रिफ्ट, भारतीय उपमहाद्वीप के विभाजन के दौरान हुई प्राचीन टेक्टोनिक गतिविधियों का हिस्सा था, जिसने एक निम्न-स्तरीय बेसिन बनाया जो आस-पास के ऊँचाई वाले क्षेत्रों से अवसाद जमा करता था।

जब यह बेसिन प्राचीन समुद्र से भर गया, तो समुद्री अवसाद की परतें जमा हुईं, जिससे आज के समृद्ध खनिज भंडार का निर्माण हुआ, जो क्षेत्र की खनन उद्योग की नींव हैं।

इन खोजों से बेसिन के भूवैज्ञानिक इतिहास की स्पष्ट तस्वीर मिलती है और भविष्य में इसके खनिज संसाधनों के अन्वेषण के लिए मार्गदर्शन मिल सकता है।
📲Get App