📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
शिक्षा
बिहार के एमजीसीयू कैंपस की लागत में छह महीने में 488 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी
✍️ The Indian Express
🗓 14 सित. 2026, 03:46 AM
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भारतीय एक्सप्रेस की जांच में पता चला कि बिहार के महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी कैंपस की लागत छह महीने में 488 करोड़ रुपये बढ़ गई, जबकि टेंडर विभाजन और अभिलेखों की कमी रही।
भारतीय एक्सप्रेस ने बताया कि बिहार में महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी (एमजीसीयू) के नए कैंपस का बजट छह महीने में 488 करोड़ रुपये बढ़ गया है।
यह बढ़ोतरी टेंडर को कई भागों में बाँटने की प्रथा से जुड़ी है, जिससे कुल लागत में इजाफा हुआ और वित्तीय लेखा‑जोखा जटिल हो गया।
जांच में यह भी पाया गया कि कई महत्वपूर्ण टेंडर दस्तावेज़ और वित्तीय रिकॉर्ड गायब हैं, जिससे परियोजना की पारदर्शिता और निगरानी पर सवाल उठते हैं।
राज्य अधिकारियों से विस्तृत ऑडिट करने, खरीद प्रक्रियाओं को सख्त करने और लागत बढ़ोतरी का स्पष्ट कारण देने का आग्रह किया गया है।
बढ़ी हुई लागत बिहार के शिक्षा बजट पर अतिरिक्त दबाव डालती है और कैंपस के नियोजित पूर्णता समय में देरी का जोखिम बढ़ा देती है।
यह बढ़ोतरी टेंडर को कई भागों में बाँटने की प्रथा से जुड़ी है, जिससे कुल लागत में इजाफा हुआ और वित्तीय लेखा‑जोखा जटिल हो गया।
जांच में यह भी पाया गया कि कई महत्वपूर्ण टेंडर दस्तावेज़ और वित्तीय रिकॉर्ड गायब हैं, जिससे परियोजना की पारदर्शिता और निगरानी पर सवाल उठते हैं।
राज्य अधिकारियों से विस्तृत ऑडिट करने, खरीद प्रक्रियाओं को सख्त करने और लागत बढ़ोतरी का स्पष्ट कारण देने का आग्रह किया गया है।
बढ़ी हुई लागत बिहार के शिक्षा बजट पर अतिरिक्त दबाव डालती है और कैंपस के नियोजित पूर्णता समय में देरी का जोखिम बढ़ा देती है।