📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / T. R. Shankar Raman
अपराध
बिहार में जियोस्पेशियल तकनीक से वन्यजीव तस्करी के मार्गों का मानचित्रण
✍️ The Times of India
🗓 18 सित. 2026, 08:01 PM
👁 16
बिहार सरकार जियोस्पेशियल तकनीक से वन्यजीव तस्करी के मार्गों का मानचित्र बनाकर अवैध व्यापार पर कड़ी कार्रवाई करेगी।
बिहार सरकार ने वन्यजीव तस्करी के मार्गों को मानचित्रित करने के लिए जियोस्पेशियल तकनीक (GIS) अपनाने का निर्णय लिया है।
यह पहल वन विभाग और राज्य के वन्यजीव अपराध नियंत्रण इकाई के सहयोग से चलाई जाएगी, जिसका उद्देश्य तस्करी के प्रमुख ठिकानों, ट्रांज़िट पॉइंट और सीमा पार मार्गों की पहचान करना है।
GIS डेटाबेस में उपग्रह चित्र, फील्ड सर्वेक्षण और इंटेलिजेंस जानकारी को जोड़ा जाएगा, जिससे तस्करी के पैटर्न में बदलाव को समय‑समय पर अपडेट किया जा सके।
यह कदम हाल के वर्षों में बढ़ते शिकार और अवैध व्यापार को रोकने के व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जैसा कि राज्य की रिपोर्टों में दर्शाया गया है।
मानचित्रण से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय सुधरेगा और साक्ष्य‑आधारित अभियोजन में मदद मिलेगी।
यह पहल वन विभाग और राज्य के वन्यजीव अपराध नियंत्रण इकाई के सहयोग से चलाई जाएगी, जिसका उद्देश्य तस्करी के प्रमुख ठिकानों, ट्रांज़िट पॉइंट और सीमा पार मार्गों की पहचान करना है।
GIS डेटाबेस में उपग्रह चित्र, फील्ड सर्वेक्षण और इंटेलिजेंस जानकारी को जोड़ा जाएगा, जिससे तस्करी के पैटर्न में बदलाव को समय‑समय पर अपडेट किया जा सके।
यह कदम हाल के वर्षों में बढ़ते शिकार और अवैध व्यापार को रोकने के व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जैसा कि राज्य की रिपोर्टों में दर्शाया गया है।
मानचित्रण से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय सुधरेगा और साक्ष्य‑आधारित अभियोजन में मदद मिलेगी।