📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Alpsdake
स्वास्थ्य
भोपाळ के जेपी अस्पताल की 26 करोड़ की इमारत 1.5 साल से बंद, मरीजों को इलाज का इंतजार
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 04 सित. 2026, 04:36 PM
👁 10
भोपाळ के जेपी अस्पताल की नई पाँच मंजिला, 26 करोड़ की इमारत, जिसमें अतिरिक्त बिस्तर, ऑपरेशन थिएटर और गंभीर रोगियों के लिए सुविधाएँ थीं, डेढ़ साल से बंद है और मरीज पोर्च में गाड़ियों व शराब की बोतलों के बीच इलाज का इंतजार कर रहे हैं।
भोपाळ के जेपी अस्पताल की पाँच मंजिला नई इमारत, जिसकी लागत 26 करोड़ रुपये थी, अतिरिक्त बिस्तर, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और गंभीर रोगियों के लिए इंटेंसिव‑केयर सुविधाएँ प्रदान करने के लिए बनाई गई थी। इमारत का निर्माण एक साल से अधिक समय पहले पूरा हो गया था, परंतु उद्घाटन के बाद से इसे अभी तक उपयोग में नहीं लाया गया है।
स्थानीय लोगों और मरीजों के अनुसार, इमारत के पोर्च में अब एक अनौपचारिक इंतजार क्षेत्र बन गया है, जहाँ गाड़ियाँ अनियमित रूप से खड़ी हैं और शराब की बोतलें अक्सर जमीन पर पड़ी हुई मिलती हैं। इस कारण कई रोगियों को अन्य अस्पतालों में इलाज के लिए जाना पड़ रहा है, जिससे यात्रा समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।
अस्पताल के प्रबंधन ने देरी को स्वीकार किया है, परंतु नई इमारत को सक्रिय करने के लिए स्पष्ट समय‑सीमा नहीं दी है। प्रशासनिक मंजूरी और स्टाफ की व्यवस्था अभी भी लंबित बताई जा रही है, जबकि बुनियादी ढाँचा पूरी तरह तैयार है।
मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग से इस मामले को शीघ्र सुलझाने का आग्रह किया गया है, क्योंकि एक महँगी चिकित्सा सुविधा का लंबे समय तक बंद रहना संसाधनों की बर्बादी और क्षेत्र की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा न कर पाने की समस्या को उजागर करता है।
स्थानीय लोगों और मरीजों के अनुसार, इमारत के पोर्च में अब एक अनौपचारिक इंतजार क्षेत्र बन गया है, जहाँ गाड़ियाँ अनियमित रूप से खड़ी हैं और शराब की बोतलें अक्सर जमीन पर पड़ी हुई मिलती हैं। इस कारण कई रोगियों को अन्य अस्पतालों में इलाज के लिए जाना पड़ रहा है, जिससे यात्रा समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।
अस्पताल के प्रबंधन ने देरी को स्वीकार किया है, परंतु नई इमारत को सक्रिय करने के लिए स्पष्ट समय‑सीमा नहीं दी है। प्रशासनिक मंजूरी और स्टाफ की व्यवस्था अभी भी लंबित बताई जा रही है, जबकि बुनियादी ढाँचा पूरी तरह तैयार है।
मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग से इस मामले को शीघ्र सुलझाने का आग्रह किया गया है, क्योंकि एक महँगी चिकित्सा सुविधा का लंबे समय तक बंद रहना संसाधनों की बर्बादी और क्षेत्र की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा न कर पाने की समस्या को उजागर करता है।