📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash.dwivedi
बिज़नेस
भोपाल में व्यापारियों ने कमर्शियल लाइसेंस शुल्क के विरोध में आईएसबीटी नगर निगम कार्यालय में धरना दिया
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 19 अग. 2026, 02:02 PM
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भोपाल के व्यापारियों ने आईएसबीटी नगर निगम कार्यालय में धरना देकर कमर्शियल लाइसेंस शुल्क के विरोध में आवाज़ उठाई, और पूछा कि अन्य शहरों में यह शुल्क क्यों नहीं है।
भोपाल में आईएसबीटी परिसर के भीतर स्थित नगर निगम कार्यालय में व्यापारियों ने सोमवार को एकत्रित होकर हाल ही में घोषित कमर्शियल लाइसेंस शुल्क को वापस लेने की मांग की। धरने पर उपस्थित लोग ऐसे पर्चे लेकर आएं जो इस शुल्क को छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों के लिए अतिरिक्त बोझ बताते थे।
व्यापारी यह तर्क दे रहे हैं कि यह शुल्क उनके मौजूदा खर्चों को और बढ़ा देगा और उन्होंने सवाल उठाया कि केवल भोपाल में ही यह शुल्क क्यों लगाया गया, जबकि अन्य शहरों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
नगर निगम के प्रतिनिधि भी स्थल पर मौजूद थे, पर उन्होंने इस मुद्दे पर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया। धरना शांति‑पूर्वक जारी रहा, और व्यापारियों ने अधिकारियों से नीति पर पुनर्विचार करने तथा इसे अन्य शहरों की प्रथा के अनुरूप बनाने की अपील की।
यह विरोध स्थानीय व्यापारियों में नई नियामक लागतों को लेकर बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है और यह भोपाल नगर निगम और व्यापारियों के संघ के बीच आगे के संवाद को प्रेरित कर सकता है।
कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, और कई घंटे बाद धरना समाप्त कर व्यापारी आगे की कार्रवाई के लिए औपचारिक चैनलों से संपर्क करने का इरादा जताए।
व्यापारी यह तर्क दे रहे हैं कि यह शुल्क उनके मौजूदा खर्चों को और बढ़ा देगा और उन्होंने सवाल उठाया कि केवल भोपाल में ही यह शुल्क क्यों लगाया गया, जबकि अन्य शहरों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
नगर निगम के प्रतिनिधि भी स्थल पर मौजूद थे, पर उन्होंने इस मुद्दे पर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया। धरना शांति‑पूर्वक जारी रहा, और व्यापारियों ने अधिकारियों से नीति पर पुनर्विचार करने तथा इसे अन्य शहरों की प्रथा के अनुरूप बनाने की अपील की।
यह विरोध स्थानीय व्यापारियों में नई नियामक लागतों को लेकर बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है और यह भोपाल नगर निगम और व्यापारियों के संघ के बीच आगे के संवाद को प्रेरित कर सकता है।
कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, और कई घंटे बाद धरना समाप्त कर व्यापारी आगे की कार्रवाई के लिए औपचारिक चैनलों से संपर्क करने का इरादा जताए।