📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash.dwivedi
टेक्नोलॉजी
भोपाल पुलिस होटल में एआई‑संचालित रियल‑टाइम आईडी जाँच लागू करेगी
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 12 सित. 2026, 09:33 PM
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भोपाल पुलिस एआई सिस्टम से होटल में मेहमानों की आईडी तुरंत जाँचकर नकली दस्तावेज़ों को चिन्हित कर पुलिस को अलर्ट देगी।
भोपाल पुलिस ने एक पायलट योजना की घोषणा की है, जिसमें होटल के पंजीकरण प्रणाली के साथ एआई प्लेटफ़ॉर्म को जोड़ा जाएगा। यह तकनीक मेहमानों द्वारा अपलोड किए गए पहचान पत्रों को रियल‑टाइम में स्कैन कर सरकारी डेटाबेस से मिलान करेगी, जिससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या नकली दस्तावेज़ का पता चल सके। यदि कोई विसंगति पाई जाती है, तो सिस्टम तुरंत निकटतम पुलिस इकाई को अलर्ट भेजेगा, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
एमपी नगर के कुछ चयनित होटलों में शुरू किया गया यह प्रोजेक्ट आने वाले हफ्तों में पूरे शहर में लागू किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि एआई‑संचालित जाँच का उद्देश्य धोखाधड़ी, अनधिकृत ठहराव और अन्य सुरक्षा जोखिमों के लिए फर्जी आईडी के उपयोग को रोकना है।
यह कदम भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा सार्वजनिक सुरक्षा के लिए डिजिटल उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि पहचान सत्यापन प्रक्रिया गोपनीयता मानकों का पालन करेगी और डेटा केवल आवश्यक समय तक ही संग्रहीत रहेगा।
होटल मालिकों को नई प्रक्रिया के बारे में बताया गया है और उन्हें डिजिटल इंटरफ़ेस के उपयोग हेतु प्रशिक्षण दिया जाएगा। पुलिस ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपने दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करें, ताकि किसी असुविधा से बचा जा सके।
यदि यह पहल सफल रहती है, तो यह अन्य भारतीय शहरों के लिए भी एआई‑आधारित पुलिसिंग मॉडल बन सकता है।
एमपी नगर के कुछ चयनित होटलों में शुरू किया गया यह प्रोजेक्ट आने वाले हफ्तों में पूरे शहर में लागू किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि एआई‑संचालित जाँच का उद्देश्य धोखाधड़ी, अनधिकृत ठहराव और अन्य सुरक्षा जोखिमों के लिए फर्जी आईडी के उपयोग को रोकना है।
यह कदम भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा सार्वजनिक सुरक्षा के लिए डिजिटल उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि पहचान सत्यापन प्रक्रिया गोपनीयता मानकों का पालन करेगी और डेटा केवल आवश्यक समय तक ही संग्रहीत रहेगा।
होटल मालिकों को नई प्रक्रिया के बारे में बताया गया है और उन्हें डिजिटल इंटरफ़ेस के उपयोग हेतु प्रशिक्षण दिया जाएगा। पुलिस ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपने दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करें, ताकि किसी असुविधा से बचा जा सके।
यदि यह पहल सफल रहती है, तो यह अन्य भारतीय शहरों के लिए भी एआई‑आधारित पुलिसिंग मॉडल बन सकता है।