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बिहार के नवादा में दफादार‑चौकीदार पंचायत की बैठक, प्रोन्नति व भत्ते की मांग
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नवादा जिले में दफादार‑चौकीदारों ने 36 वर्षों की सेवा के बाद भी प्रोन्नति न मिलने और बकाया भत्ते न मिलने पर राज्य सचिव को प्रशासन की उपेक्षा का आरोप लगाया।
नवादा, 14 सितंबर 2026 – दफादार‑चौकीदार पंचायत की नवादा जिला इकाई की बैठक रविवार को स्थानीय अंबेडकर पार्क में जिला अध्यक्ष शहजाद खान की अध्यक्षता में आयोजित हुई। मुख्य अतिथि के रूप में राज्य सचिव डॉक्टर संत सिंह उपस्थित रहे, मंच का संचालन जिला महासचिव विनोद कुमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार ने किया।
बैठक में डॉक्टर संत सिंह ने जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन पर दफादार‑चौकीदार मामलों में उदासीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 36 वर्षों की निरंतर सेवा के बावजूद दफादार‑चौकीदारों को अभी तक उचित प्रोन्नति नहीं मिली है। नवादा जिले में कुल 66 दफादार‑चौकीदार हैं, परन्तु केवल कुछ ही को उच्च स्तर के पुलिस अधिकारी के समान वित्तीय लाभ प्राप्त हुआ है।
उन्होंने बताया कि 2023 में आयोजित प्रशिक्षण का हरजा भत्ता अभी तक नहीं दिया गया है, जबकि तीन वर्ष बीत चुके हैं। सरकार द्वारा इन कर्मियों से चौकीदारी के अतिरिक्त खाकी ड्यूटी, बैंक ड्यूटी और नीली निशान ड्यूटी सहित कई कार्यों को सौंपा जा रहा है, परन्तु कार्यस्थल पर उन्हें कठिनाइयों और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में उपस्थित दफादार‑चौकीदारों ने अपनी समस्याओं को दोहराते हुए कहा कि लंबी सेवा के बावजूद उन्हें अपेक्षित अधिकार और सुविधाएँ नहीं मिली हैं। उन्होंने स्वास्थ्य शाखा के प्रधान लिपिक उमेश कुमार को हटाने की भी मांग की। सभी ने प्रशासन से प्रोन्नति, वित्तीय लाभ और बकाया भत्ते के शीघ्र भुगतान की अपील की।
सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 16 सितंबर 2026 को पटना में आयोजित बड़े धरने को सफल बनाया जाएगा, जिसमें कई दफादार‑चौकीदार उपस्थित रहेंगे।
बैठक में डॉक्टर संत सिंह ने जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन पर दफादार‑चौकीदार मामलों में उदासीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 36 वर्षों की निरंतर सेवा के बावजूद दफादार‑चौकीदारों को अभी तक उचित प्रोन्नति नहीं मिली है। नवादा जिले में कुल 66 दफादार‑चौकीदार हैं, परन्तु केवल कुछ ही को उच्च स्तर के पुलिस अधिकारी के समान वित्तीय लाभ प्राप्त हुआ है।
उन्होंने बताया कि 2023 में आयोजित प्रशिक्षण का हरजा भत्ता अभी तक नहीं दिया गया है, जबकि तीन वर्ष बीत चुके हैं। सरकार द्वारा इन कर्मियों से चौकीदारी के अतिरिक्त खाकी ड्यूटी, बैंक ड्यूटी और नीली निशान ड्यूटी सहित कई कार्यों को सौंपा जा रहा है, परन्तु कार्यस्थल पर उन्हें कठिनाइयों और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में उपस्थित दफादार‑चौकीदारों ने अपनी समस्याओं को दोहराते हुए कहा कि लंबी सेवा के बावजूद उन्हें अपेक्षित अधिकार और सुविधाएँ नहीं मिली हैं। उन्होंने स्वास्थ्य शाखा के प्रधान लिपिक उमेश कुमार को हटाने की भी मांग की। सभी ने प्रशासन से प्रोन्नति, वित्तीय लाभ और बकाया भत्ते के शीघ्र भुगतान की अपील की।
सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 16 सितंबर 2026 को पटना में आयोजित बड़े धरने को सफल बनाया जाएगा, जिसमें कई दफादार‑चौकीदार उपस्थित रहेंगे।