📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / iMahesh
विदेश
बेंगलुरु में भारत का पहला वर्ल्ड हैप्पीनेस समिट आयोजित
✍️ Telangana Today
🗓 19 अग. 2026, 02:38 AM
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कर्नाटक के बेंगलुरु में भारत का पहला वर्ल्ड हैप्पीनेस समिट आयोजित होगा, जो वैश्विक कल्याण मंच में देश की पहली भागीदारी है।
बेंगलुरु को भारत के पहले वर्ल्ड हैप्पीनेस समिट का स्थल चुना गया है, जहाँ विद्वान, नीति‑निर्माता और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सामूहिक कल्याण को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करेंगे। यह घोषणा तेलंगाना टुडे ने की, जिससे शहर की अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में बढ़ती भूमिका स्पष्ट हुई।
समिट का उद्देश्य भारत की मानसिक स्वास्थ्य, सतत विकास और समावेशी वृद्धि पहलों को उजागर करना है, जो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य‑13 (खुशी और कल्याण) के साथ मेल खाती हैं। कई देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी की उम्मीद है, हालांकि सटीक संख्या अभी घोषित नहीं की गई है।
इवेंट इस वर्ष के बाद के महीनों में बेंगलुरु के प्रमुख सम्मेलन केंद्र में आयोजित होगा, जिसमें शोध परिणाम, नीति ढाँचे और सामुदायिक स्तर के हस्तक्षेपों पर सत्र शामिल होंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह समिट राष्ट्रीय और राज्य स्तर के कार्यक्रमों को गुणवत्ता‑जीवन सुधारने की दिशा में मार्गदर्शन देगा।
निजी क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान और गैर‑सरकारी संगठनों के हितधारकों ने भागीदारी की इच्छा जताई है, जिससे खुशी को विकास का मापनीय परिणाम बनाने के उद्देश्य में व्यापक समर्थन दिखता है।
समिट भारतीय विशेषज्ञों को अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का मंच भी प्रदान करेगा, जिससे खुशी अर्थशास्त्र के उभरते क्षेत्र में भारत की अग्रणी स्थिति स्थापित हो सकती है।
समिट का उद्देश्य भारत की मानसिक स्वास्थ्य, सतत विकास और समावेशी वृद्धि पहलों को उजागर करना है, जो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य‑13 (खुशी और कल्याण) के साथ मेल खाती हैं। कई देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी की उम्मीद है, हालांकि सटीक संख्या अभी घोषित नहीं की गई है।
इवेंट इस वर्ष के बाद के महीनों में बेंगलुरु के प्रमुख सम्मेलन केंद्र में आयोजित होगा, जिसमें शोध परिणाम, नीति ढाँचे और सामुदायिक स्तर के हस्तक्षेपों पर सत्र शामिल होंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह समिट राष्ट्रीय और राज्य स्तर के कार्यक्रमों को गुणवत्ता‑जीवन सुधारने की दिशा में मार्गदर्शन देगा।
निजी क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान और गैर‑सरकारी संगठनों के हितधारकों ने भागीदारी की इच्छा जताई है, जिससे खुशी को विकास का मापनीय परिणाम बनाने के उद्देश्य में व्यापक समर्थन दिखता है।
समिट भारतीय विशेषज्ञों को अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का मंच भी प्रदान करेगा, जिससे खुशी अर्थशास्त्र के उभरते क्षेत्र में भारत की अग्रणी स्थिति स्थापित हो सकती है।