📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh Lalwani
बिज़नेस
बस्तर में 25 साल बाद कोरुंडम खनन का पुनरुद्धार, ब्रांडेड रत्न बाजार की ओर
✍️ The Times of India
🗓 02 सित. 2026, 03:37 AM
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25 साल के अंतराल के बाद बस्तर, छत्तीसगढ़ में कोरुंडम खनन फिर से शुरू हुआ, जिसका लक्ष्य उच्च श्रेणी के रत्न बाजार को आपूर्ति करना है।
बस्तर जिले में कोरुंडम खनन को 25 साल के अंतराल के बाद छत्तीसगढ़ सरकार की मंजूरी के साथ फिर से शुरू किया गया है। स्थानीय खनन कंपनियों के एक समूह ने कंकड़‑बस्तर सीमा के निकट स्थित पुरानी खनन स्थल के लिए पट्टे सुरक्षित किए हैं।
राज्य के अधिकारियों का कहना है कि इस पुनरुद्धार का मुख्य उद्देश्य प्रीमियम रत्नों, विशेषकर ब्रांडेड ज्वेलरी बाजार की बढ़ती मांग को पूरा करना है। गुणवत्ता मानकों और पारदर्शी आपूर्ति श्रृंखला पर ध्यान देकर भारतीय कोरुंडम को अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के साथ प्रतिस्पर्धी बनाना लक्ष्य है।
सरकार उम्मीद करती है कि इस परियोजना से स्थानीय जनजातीय समुदाय को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और परिवहन, प्रोसेसिंग तथा रत्न कटाई जैसे सहायक उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। जबकि अभी तक व्यावसायिक मात्रा का खुलासा नहीं हुआ है, यह पहल क्षेत्र से मूल्य‑वर्धित खनिज निर्यात की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य के अधिकारियों का कहना है कि इस पुनरुद्धार का मुख्य उद्देश्य प्रीमियम रत्नों, विशेषकर ब्रांडेड ज्वेलरी बाजार की बढ़ती मांग को पूरा करना है। गुणवत्ता मानकों और पारदर्शी आपूर्ति श्रृंखला पर ध्यान देकर भारतीय कोरुंडम को अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के साथ प्रतिस्पर्धी बनाना लक्ष्य है।
सरकार उम्मीद करती है कि इस परियोजना से स्थानीय जनजातीय समुदाय को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और परिवहन, प्रोसेसिंग तथा रत्न कटाई जैसे सहायक उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। जबकि अभी तक व्यावसायिक मात्रा का खुलासा नहीं हुआ है, यह पहल क्षेत्र से मूल्य‑वर्धित खनिज निर्यात की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।