📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
अपराध
सोहाना एसएचओ के खिलाफ आरटीआई न देने पर जमानती वारंट जारी
✍️ Amar Ujala · Mohali
🗓 25 अग. 2026, 02:17 AM
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सोहाना पुलिस स्टेशन के एसएचओ के खिलाफ आरटीआई जानकारी न देने के आरोप में जमानती वारंट जारी किया गया है।
पंजाब के न्यायालय ने सोहाना पुलिस स्टेशन के एसएचओ के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह वारंट उस शिकायत के बाद आया है जिसमें कहा गया कि अधिकारी ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी प्रदान नहीं की।
अदालत ने एसएचओ को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज़ सौंपने का आदेश दिया था। जब वह समय सीमा समाप्त होने पर भी जानकारी नहीं दी गई, तो न्यायाधीश ने वारंट जारी करने का निर्देश दिया, जिससे अधिकारी को अदालत में पेश न होने पर गिरफ्तार किया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक पदाधिकारियों के लिए आरटीआई का पालन अनिवार्य है और जमानती वारंट का जारी होना इस बात का संकेत है कि न्यायपालिका गैर‑सहयोग को गंभीरता से लेती है। पारदर्शिता समर्थक इस मामले को करीब से देख रहे हैं, क्योंकि समय पर जानकारी प्रदान करना जवाबदेही के लिए आवश्यक है।
वर्तमान में मामला आगे की न्यायिक समीक्षा के अधीन है, और यदि अधिकारी को हिरासत में लिया जाता है तो वह जमानत के लिए आवेदन कर सकता है। अधिकारी की पहचान या विशिष्ट आरटीआई अनुरोध के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
यह विकास पंजाब में सार्वजनिक अधिकारियों की पारदर्शिता के पालन पर बढ़ती निगरानी को दर्शाता है।
अदालत ने एसएचओ को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज़ सौंपने का आदेश दिया था। जब वह समय सीमा समाप्त होने पर भी जानकारी नहीं दी गई, तो न्यायाधीश ने वारंट जारी करने का निर्देश दिया, जिससे अधिकारी को अदालत में पेश न होने पर गिरफ्तार किया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक पदाधिकारियों के लिए आरटीआई का पालन अनिवार्य है और जमानती वारंट का जारी होना इस बात का संकेत है कि न्यायपालिका गैर‑सहयोग को गंभीरता से लेती है। पारदर्शिता समर्थक इस मामले को करीब से देख रहे हैं, क्योंकि समय पर जानकारी प्रदान करना जवाबदेही के लिए आवश्यक है।
वर्तमान में मामला आगे की न्यायिक समीक्षा के अधीन है, और यदि अधिकारी को हिरासत में लिया जाता है तो वह जमानत के लिए आवेदन कर सकता है। अधिकारी की पहचान या विशिष्ट आरटीआई अनुरोध के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
यह विकास पंजाब में सार्वजनिक अधिकारियों की पारदर्शिता के पालन पर बढ़ती निगरानी को दर्शाता है।