📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nilimajhapate
धर्म
उज्जैन में अश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा पर बाबा महाकाल का भव्य शृंगार
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 27 सित. 2026, 07:31 AM
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अश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा पर उज्जैन में बाबा महाकाल को भांग, चंद्रमा, त्रिशूल, त्रिनेत्र और मोर पंख से सजाया गया, फिर भस्म आरती में "जय श्री महाकाल" का जयकारा हुआ।
उज्जैन में अश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा के पावन अवसर पर बाबा महाकाल की भव्य सजावट का आयोजन किया गया। इस पवित्र कार्य की शुरुआत में बाघ के पत्ते (भांग) से मूर्ति को अभिषेक किया गया।
भांग के बाद पुजारी ने देवता को चंद्रमा, त्रिशूल, त्रिनेत्र और मोर पंख जैसे प्रतीकात्मक अलंकारों से सजाया। ये प्रत्येक वस्तु हिन्दू परम्परा में दिव्य गुणों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
सजावट समाप्त होते ही भस्म आरती शुरू हुई, जिसमें भक्तों ने "जय श्री महाकाल" का जयकारा किया और मंदिर के माहौल में गूँजती हुई भक्ति की ध्वनि भर गई।
स्थानीय श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस अनुष्ठान को देखा और सामूहिक रूप से भजन‑कीर्तन में सम्मिलित हुए।
यह आयोजन उज्जैन की तीर्थस्थल के रूप में महत्ता को दोहराता है, जहाँ ऐसे विस्तृत समारोह सामुदायिक विश्वास और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करते हैं।
भांग के बाद पुजारी ने देवता को चंद्रमा, त्रिशूल, त्रिनेत्र और मोर पंख जैसे प्रतीकात्मक अलंकारों से सजाया। ये प्रत्येक वस्तु हिन्दू परम्परा में दिव्य गुणों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
सजावट समाप्त होते ही भस्म आरती शुरू हुई, जिसमें भक्तों ने "जय श्री महाकाल" का जयकारा किया और मंदिर के माहौल में गूँजती हुई भक्ति की ध्वनि भर गई।
स्थानीय श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस अनुष्ठान को देखा और सामूहिक रूप से भजन‑कीर्तन में सम्मिलित हुए।
यह आयोजन उज्जैन की तीर्थस्थल के रूप में महत्ता को दोहराता है, जहाँ ऐसे विस्तृत समारोह सामुदायिक विश्वास और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करते हैं।