📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
वायरल
असम की शिक्षिका को जनगणना में दो बेटियों के साथ दिखाने वाला वायरल वीडियो
✍️ NDTV
🗓 27 अग. 2026, 05:18 AM
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एक वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि असम की शिक्षिका जनगणना के काम में दो छोटी बेटियों के साथ उपस्थित हैं।
एक छोटा वीडियो, जो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जल्दी ही वायरल हो गया है। इस क्लिप में असम की एक शिक्षिका को जनगणना के कार्य में दिखाया गया है, जबकि उसके दो छोटी बेटियाँ उसके बगल में खड़ी हैं।
वीडियो मूल रूप से एक मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म पर अपलोड किया गया था और बाद में कई समाचार साइटों, जिनमें एनडीटीवी भी शामिल है, ने इसे उजागर किया। दर्शकों ने कार्यस्थल पर माताओं को झेलने वाली कठिनाइयों और विशेषकर दूरदराज के क्षेत्रों में समर्थन प्रणाली की कमी पर चर्चा की।
सरकार ने अभी तक इस बात पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है कि जनगणना के दौरान शिक्षिका ने अपने बच्चों को साथ लाया। फिर भी यह घटना सरकारी कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल में लचीलापन और बाल देखभाल सुविधाओं की आवश्यकता पर व्यापक चर्चा को उजागर करती है।
शिक्षिका की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है और इस संबंध में कोई प्रक्रिया संबंधी उल्लंघन की सूचना नहीं मिली है। यह वीडियो अब भी सोशल मीडिया पर घूम रहा है, जिससे ग्रामीण और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में फील्ड कार्य करने वाले शिक्षकों और अन्य फ्रंटलाइन कर्मचारियों की वास्तविकताओं पर बहस चल रही है।
देश भर में जनगणना जारी है, और अधिकारी नागरिकों से सहयोग की अपील कर रहे हैं, साथ ही फील्ड स्टाफ को मिलने वाली लॉजिस्टिक चुनौतियों को भी स्वीकार कर रहे हैं।
वीडियो मूल रूप से एक मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म पर अपलोड किया गया था और बाद में कई समाचार साइटों, जिनमें एनडीटीवी भी शामिल है, ने इसे उजागर किया। दर्शकों ने कार्यस्थल पर माताओं को झेलने वाली कठिनाइयों और विशेषकर दूरदराज के क्षेत्रों में समर्थन प्रणाली की कमी पर चर्चा की।
सरकार ने अभी तक इस बात पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है कि जनगणना के दौरान शिक्षिका ने अपने बच्चों को साथ लाया। फिर भी यह घटना सरकारी कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल में लचीलापन और बाल देखभाल सुविधाओं की आवश्यकता पर व्यापक चर्चा को उजागर करती है।
शिक्षिका की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है और इस संबंध में कोई प्रक्रिया संबंधी उल्लंघन की सूचना नहीं मिली है। यह वीडियो अब भी सोशल मीडिया पर घूम रहा है, जिससे ग्रामीण और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में फील्ड कार्य करने वाले शिक्षकों और अन्य फ्रंटलाइन कर्मचारियों की वास्तविकताओं पर बहस चल रही है।
देश भर में जनगणना जारी है, और अधिकारी नागरिकों से सहयोग की अपील कर रहे हैं, साथ ही फील्ड स्टाफ को मिलने वाली लॉजिस्टिक चुनौतियों को भी स्वीकार कर रहे हैं।