📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Deeporaj
राजनीति
असम‑मिज़ोरम सीमा विवाद स्रिभुमी में फिर से उभरा
✍️ India Today NE
🗓 03 सित. 2026, 04:02 PM
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असम और मिज़ोरम के बीच स्रिभुमी में जमीन के दावे को लेकर फिर से तनाव बढ़ा, सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
असम और मिज़ोरम के बीच पहले कम हो चुके तनाव फिर से स्रिभुमी सीमा कस्बे में उभरे हैं। यह नया झड़प दोनों राज्यों द्वारा दावा किए जाने वाले एक भू‑क्षेत्र को लेकर है, जिस पर दोनों पक्ष अपना अधिकार स्थापित कर रहे हैं। दोनों राज्यों के स्थानीय अधिकारियों ने अपने‑अपने दावे को दोहराते हुए बयान जारी किए हैं।
इस विवाद के कारण असम‑मिज़ोरम सीमा के स्रिभुमी निकटवर्ती हिस्से में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम तनाव को बढ़ने से रोकने और सीमा के पास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए है।
अब तक कोई हिंसक घटना दर्ज नहीं हुई है, परन्तु स्थानीय समुदाय के नेताओं ने बताया कि इस टकराव से रोज़मर्रा की ज़िंदगी और सीमा पार व्यापार पर असर पड़ सकता है। दोनों राज्य सरकारें संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की इच्छा जताती हैं, पर अभी तक कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है।
यह मुद्दा पूर्वोत्तर क्षेत्र में समय‑समय पर उभरने वाले सीमा‑विवादों को दर्शाता है, जहाँ औपनिवेशिक सीमाओं और वर्तमान प्रशासनिक दावों में टकराव रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए बातचीत और समझौता आवश्यक है।
आगे की जानकारी के लिए असम और मिज़ोरम के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच होने वाली बैठकों का इंतजार रहेगा, जहाँ भूमि दावे को सुलझाने और स्थायी समाधान खोजने पर चर्चा होगी।
इस विवाद के कारण असम‑मिज़ोरम सीमा के स्रिभुमी निकटवर्ती हिस्से में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम तनाव को बढ़ने से रोकने और सीमा के पास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए है।
अब तक कोई हिंसक घटना दर्ज नहीं हुई है, परन्तु स्थानीय समुदाय के नेताओं ने बताया कि इस टकराव से रोज़मर्रा की ज़िंदगी और सीमा पार व्यापार पर असर पड़ सकता है। दोनों राज्य सरकारें संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की इच्छा जताती हैं, पर अभी तक कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है।
यह मुद्दा पूर्वोत्तर क्षेत्र में समय‑समय पर उभरने वाले सीमा‑विवादों को दर्शाता है, जहाँ औपनिवेशिक सीमाओं और वर्तमान प्रशासनिक दावों में टकराव रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए बातचीत और समझौता आवश्यक है।
आगे की जानकारी के लिए असम और मिज़ोरम के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच होने वाली बैठकों का इंतजार रहेगा, जहाँ भूमि दावे को सुलझाने और स्थायी समाधान खोजने पर चर्चा होगी।