📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pradip Nemane
सरकारी योजना
असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए हाउस‑लिस्टिंग समय सीमा बढ़ाई
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 18 सित. 2026, 03:37 AM
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असम सरकार ने हालिया बाढ़ से प्रभावित जिलों में हाउस‑लिस्टिंग के आवेदन जमा करने की अवधि बढ़ा दी, जिससे राहत लाभ के लिए निवासियों को अधिक समय मिला।
असम सरकार ने हाल ही में बाढ़ से प्रभावित कई जिलों में घर‑लिस्टिंग की समय सीमा बढ़ा दी है। नई अंतिम तिथि अक्टूबर के अंत तक निर्धारित की गई है, जिससे पहले की सितंबर की समाप्ति को रद्द किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम बाढ़‑पीड़ित परिवारों को अपने घरों का पंजीकरण कर राहत योजना के तहत मुआवजा प्राप्त करने का पर्याप्त समय देगा।
यह विस्तार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बाढ़‑ग्रस्त घोषित सभी जिलों पर लागू होगा, जिनमें क़म्पु, बारपेटा और धुबरी शामिल हैं। राहत अधिकारी नुकसान की रिपोर्टों की पुष्टि जारी रखेंगे और आधिकारिक डेटाबेस को अपडेट करेंगे, ताकि पात्र परिवारों को पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता मिल सके।
राज्य आपदा प्रबंधन आयुक्त प्रसंत कुमार दत्ता ने प्रभावित निवासियों से सटीक दस्तावेज़ीकरण शीघ्रता से जमा करने का आग्रह किया, यह बताते हुए कि यह विस्तारित अवधि संचार और परिवहन में बाढ़ के कारण हुए विलंब को दूर करने के लिए एक बार की विशेष राहत है।
सरकार ने भी स्वीकृत लिस्टिंग की प्रक्रिया को तेज़ करने का वादा किया है, ताकि धनराशि सर्दियों के मौसम से पहले वितरित की जा सके और विस्थापित लोगों की कठिनाइयों को कम किया जा सके।
यह विस्तार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बाढ़‑ग्रस्त घोषित सभी जिलों पर लागू होगा, जिनमें क़म्पु, बारपेटा और धुबरी शामिल हैं। राहत अधिकारी नुकसान की रिपोर्टों की पुष्टि जारी रखेंगे और आधिकारिक डेटाबेस को अपडेट करेंगे, ताकि पात्र परिवारों को पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता मिल सके।
राज्य आपदा प्रबंधन आयुक्त प्रसंत कुमार दत्ता ने प्रभावित निवासियों से सटीक दस्तावेज़ीकरण शीघ्रता से जमा करने का आग्रह किया, यह बताते हुए कि यह विस्तारित अवधि संचार और परिवहन में बाढ़ के कारण हुए विलंब को दूर करने के लिए एक बार की विशेष राहत है।
सरकार ने भी स्वीकृत लिस्टिंग की प्रक्रिया को तेज़ करने का वादा किया है, ताकि धनराशि सर्दियों के मौसम से पहले वितरित की जा सके और विस्थापित लोगों की कठिनाइयों को कम किया जा सके।