📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर कहा 'हमारी बेटियाँ असम की भविष्य हैं'
✍️ India Today NE
🗓 11 अक्टू. 2026, 10:02 AM
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अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि 'हमारी बेटियाँ असम का भविष्य हैं', और उनके शिक्षा व सशक्तिकरण के लिए समर्थन की अपील की।
12 अगस्त, 2024 को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर गुवाहाटी में एक कार्यक्रम में संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि "हमारी बेटियाँ असम का भविष्य हैं", और लड़कियों की शिक्षा व कल्याण में निवेश के महत्व पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य के कई कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जो स्कूल नामांकन, स्वास्थ्य सेवा और कौशल विकास पर केंद्रित हैं। उन्होंने सरकार और नागरिक समाज से इन पहलों को जारी रखने और विस्तारित करने का आह्वान किया।
सर्वजनिक और निजी क्षेत्र के नेताओं से आग्रह किया कि वे एक सहायक माहौल बनाएं, जिससे लड़कियाँ उच्च शिक्षा और करियर के अवसरों का लाभ उठा सकें। उन्होंने समाज में लैंगिक रूढ़ियों को चुनौती देने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
उपस्थित शिक्षकों, छात्रों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के लैंगिक समानता पर जोर देने की सराहना की। असम सरकार ने आने वाले महीनों में प्रगति की निगरानी और रिपोर्टिंग का वादा किया है।
लड़कियों को असम के भविष्य का आधार मानते हुए, हिमंत बिस्व सरमा ने लैंगिक‑समावेशी विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराया और अगले वर्ष के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश स्थापित किए।
मुख्यमंत्री ने राज्य के कई कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जो स्कूल नामांकन, स्वास्थ्य सेवा और कौशल विकास पर केंद्रित हैं। उन्होंने सरकार और नागरिक समाज से इन पहलों को जारी रखने और विस्तारित करने का आह्वान किया।
सर्वजनिक और निजी क्षेत्र के नेताओं से आग्रह किया कि वे एक सहायक माहौल बनाएं, जिससे लड़कियाँ उच्च शिक्षा और करियर के अवसरों का लाभ उठा सकें। उन्होंने समाज में लैंगिक रूढ़ियों को चुनौती देने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
उपस्थित शिक्षकों, छात्रों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के लैंगिक समानता पर जोर देने की सराहना की। असम सरकार ने आने वाले महीनों में प्रगति की निगरानी और रिपोर्टिंग का वादा किया है।
लड़कियों को असम के भविष्य का आधार मानते हुए, हिमंत बिस्व सरमा ने लैंगिक‑समावेशी विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराया और अगले वर्ष के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश स्थापित किए।