📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Culture
विदेश
अशोक कांथा ने कहा, भारत-चीन संबंधों में नई सुबह नहीं
✍️ India Today
🗓 14 सित. 2026, 10:16 AM
👁 4
राजनयिक अशोक कांथा ने भारत टुडे को बताया कि हालिया घटनाक्रम भारत-चीन संबंधों में नई शुरुआत का संकेत नहीं देते।
राजनयिक अशोक कांथा ने भारत टुडे के साथ साक्षात्कार में भारत-चीन वार्ताओं के प्रति आशावाद पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान दिशा 'नई सुबह' का संकेत नहीं देती।
कांथा ने जोर दिया कि कूटनीतिक चैनल खुला रहने के बावजूद रणनीतिक और क्षेत्रीय विवाद जारी हैं। उन्होंने सीमा संघर्ष और व्यापार असंतुलन जैसे प्रमुख मुद्दों के समाधान पर बल दिया।
यह टिप्पणी उस समय आई जब नवीनतम शिखर सम्मेलन के बाद उम्मीदें बढ़ रही थीं कि दोनों देशों के बीच संबंधों में नया अध्याय शुरू होगा। कांथा ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रतीकात्मक प्रगति को ठोस समझौतों के बिना सतर्कता से देखा जाना चाहिए।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान अधिकारियों के बीच व्यापक भावना को दर्शाता है, जो मानते हैं कि वास्तविक परिवर्तन केवल नीति में स्थायी बदलाव से ही संभव है।
कांथा ने जोर दिया कि कूटनीतिक चैनल खुला रहने के बावजूद रणनीतिक और क्षेत्रीय विवाद जारी हैं। उन्होंने सीमा संघर्ष और व्यापार असंतुलन जैसे प्रमुख मुद्दों के समाधान पर बल दिया।
यह टिप्पणी उस समय आई जब नवीनतम शिखर सम्मेलन के बाद उम्मीदें बढ़ रही थीं कि दोनों देशों के बीच संबंधों में नया अध्याय शुरू होगा। कांथा ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रतीकात्मक प्रगति को ठोस समझौतों के बिना सतर्कता से देखा जाना चाहिए।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान अधिकारियों के बीच व्यापक भावना को दर्शाता है, जो मानते हैं कि वास्तविक परिवर्तन केवल नीति में स्थायी बदलाव से ही संभव है।