📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohit Sharma
रक्षा
अरुणाचल कांग्रेस ने सीमा सुरक्षा व बुनियादी ढाँचे को शीर्ष प्राथमिकता देने की मांग की
✍️ India Today NE
🗓 29 अग. 2026, 10:18 PM
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अरुणाचल कांग्रेस ने रणनीतिक चिंताओं को देखते हुए केंद्र सरकार से सीमा सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे को शीर्ष प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
नई दिल्ली – अरुणाचल कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को राज्य की सीमा सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे के विकास को तेज़ करने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया। पार्टी ने क्षेत्र की दूरस्थ सीमाओं की असुरक्षा और आधुनिक सड़कों, निगरानी प्रणालियों तथा त्वरित तैनाती सुविधाओं की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, जिससे किसी भी अतिक्रमण को रोका जा सके।
पार्टी के नेताओं ने कहा कि मौजूदा बुनियादी ढाँचा नागरिक संपर्क और सैन्य लॉजिस्टिक्स दोनों के लिए अपर्याप्त है, विशेषकर भारत-चीन सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए। उन्होंने रक्षा मंत्रालय और बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन के साथ समन्वय में फंडों का त्वरित आवंटन मांगा।
यह मांग केंद्र सरकार के रक्षा खर्च और उत्तर-पूर्व में बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की समीक्षा के बीच आती है। जबकि मंत्रालय ने कई सड़क निर्माण पहलों की घोषणा की है, अरुणाचल कांग्रेस का मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को सुरक्षित करने और क्षेत्र के सामाजिक‑आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित, उच्च प्राथमिकता वाला योजना आवश्यक है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकार का राजनीतिक दबाव लंबित परियोजनाओं को तेज़ कर सकता है, परन्तु भू-आकृति, मौसम और फंडिंग की बाधाओं को भी उजागर करता है। पार्टी ने ठोस कदम उठाए जाने तक लगातार लबिंग करने का संकल्प व्यक्त किया।
लेख के प्रकाशन समय तक रक्षा मंत्रालय की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई है।
पार्टी के नेताओं ने कहा कि मौजूदा बुनियादी ढाँचा नागरिक संपर्क और सैन्य लॉजिस्टिक्स दोनों के लिए अपर्याप्त है, विशेषकर भारत-चीन सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए। उन्होंने रक्षा मंत्रालय और बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन के साथ समन्वय में फंडों का त्वरित आवंटन मांगा।
यह मांग केंद्र सरकार के रक्षा खर्च और उत्तर-पूर्व में बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की समीक्षा के बीच आती है। जबकि मंत्रालय ने कई सड़क निर्माण पहलों की घोषणा की है, अरुणाचल कांग्रेस का मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को सुरक्षित करने और क्षेत्र के सामाजिक‑आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित, उच्च प्राथमिकता वाला योजना आवश्यक है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकार का राजनीतिक दबाव लंबित परियोजनाओं को तेज़ कर सकता है, परन्तु भू-आकृति, मौसम और फंडिंग की बाधाओं को भी उजागर करता है। पार्टी ने ठोस कदम उठाए जाने तक लगातार लबिंग करने का संकल्प व्यक्त किया।
लेख के प्रकाशन समय तक रक्षा मंत्रालय की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई है।