📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jayantamitra980
नौकरी
झारखंड की 12 साल की परीक्षा संकट में लगभग 7,000 जेपीएससी‑जैएसएससी पद खाली हो सकते हैं
✍️ India Today
🗓 19 अग. 2026, 02:39 AM
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झारखंड में चल रही परीक्षा जामिनत के कारण लगभग 7,000 राज्य सेवा पद खाली रह सकते हैं, जिससे भर्ती और प्रशासन पर असर पड़ने की आशंका है।
झारखंड सार्वजनिक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड उप-सेवा आयोग (JSSC) ने चेतावनी दी है कि लगभग 7,000 CGL पद खाली रह सकते हैं। यह चेतावनी बारह साल से चल रहे परीक्षा जामिनत के बाद आई है, जिसने इन पदों की भर्ती को कई बार रोका है।
कानूनी अड़चनें, प्रशासनिक देरी और बार-बार परीक्षा स्थगित होने के कारण उम्मीदवारों को परीक्षा देने का अवसर नहीं मिल पाया, और राज्य को भी पदों पर नियुक्ति करने में बाधा आई। परिणामस्वरूप, विभिन्न विभागों में खाली पदों की संख्या बढ़ती जा रही है।
यह संभावित कमी राज्य की सेवाओं की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है, चाहे वह राजस्व संग्रह हो या जनकल्याण योजनाएँ, और उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए अनिश्चितता पैदा करती है जो सिविल सेवा में प्रवेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो प्रशासनिक ढांचा लगातार अधूरे कर्मचारियों की समस्या का सामना कर सकता है।
राज्य सरकार संभावित समाधान के रूप में तेज़ समयसीमा या अंतरिम नियुक्तियों पर विचार कर रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस योजना घोषित नहीं की गई है, जिससे प्रशासन और नौकरी चाहने वाले दोनों ही प्रतीक्षा में हैं।
कानूनी अड़चनें, प्रशासनिक देरी और बार-बार परीक्षा स्थगित होने के कारण उम्मीदवारों को परीक्षा देने का अवसर नहीं मिल पाया, और राज्य को भी पदों पर नियुक्ति करने में बाधा आई। परिणामस्वरूप, विभिन्न विभागों में खाली पदों की संख्या बढ़ती जा रही है।
यह संभावित कमी राज्य की सेवाओं की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है, चाहे वह राजस्व संग्रह हो या जनकल्याण योजनाएँ, और उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए अनिश्चितता पैदा करती है जो सिविल सेवा में प्रवेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो प्रशासनिक ढांचा लगातार अधूरे कर्मचारियों की समस्या का सामना कर सकता है।
राज्य सरकार संभावित समाधान के रूप में तेज़ समयसीमा या अंतरिम नियुक्तियों पर विचार कर रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस योजना घोषित नहीं की गई है, जिससे प्रशासन और नौकरी चाहने वाले दोनों ही प्रतीक्षा में हैं।