स्थानीय
अरवलिया गांव में 40 साल से रह रहे परिवारों के मकानों पर चला बुलडोजर, सरकारी अत्याचार का आरोप
बैरसिया विधानसभा के अरवलिया गांव में 1980-85 से रह रहे परिवारों के आशियानों पर सरकारी कार्रवाई से लोगों में रोष है। पीड़ितों ने सरकार पर सुनवाई न करने और गरीबों के घर उजाड़ने का आरोप लगाया है।
बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के ईंटखेड़ी ब्लॉक स्थित अरवलिया गांव में पिछले 40 वर्षों से रह रहे परिवारों के मकानों को तोड़े जाने की घटना ने लोगों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। यह कार्रवाई केवल आशियानों के उजड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत और जीवनभर की पूंजी पर एक बड़ी चोट मानी जा रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अरवलिया के पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी व्यथा सुनने पर मध्य प्रदेश में सरकारी अत्याचार की एक नई तस्वीर सामने आई है। यह अत्यंत दुख और आश्चर्य का विषय है कि पीड़ितों की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने में सरकार यहां भी उदासीन नजर आ रही है।
इस मामले में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि गरीबों के घर उजाड़ना भले ही सरकार के लिए आसान हो, लेकिन उनके परिवारों को पुनर्वासित करने की जिम्मेदारी से सरकार कैसे बच सकती है। इस कार्रवाई से प्रभावित परिवारों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अरवलिया के पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी व्यथा सुनने पर मध्य प्रदेश में सरकारी अत्याचार की एक नई तस्वीर सामने आई है। यह अत्यंत दुख और आश्चर्य का विषय है कि पीड़ितों की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने में सरकार यहां भी उदासीन नजर आ रही है।
इस मामले में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि गरीबों के घर उजाड़ना भले ही सरकार के लिए आसान हो, लेकिन उनके परिवारों को पुनर्वासित करने की जिम्मेदारी से सरकार कैसे बच सकती है। इस कार्रवाई से प्रभावित परिवारों में गहरा असंतोष व्याप्त है।