📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arjunaraoc
राजनीति
आंध्र प्रदेश के बड़े जल परियोजना पर चंद्रबाबू नायडू और विपक्ष में टकराव
✍️ NDTV
🗓 31 अग. 2026, 10:39 PM
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आंध्र प्रदेश में एक बड़े जल परियोजना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया, जिसमें मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और विपक्षी दलों के बीच टकराव बढ़ा है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से एक बहु-अरब रुपये मूल्य की जल परियोजना को आगे बढ़ाया है। नई जलाशयों और विस्तृत नहर नेटवर्क के निर्माण को ruling party ने जल संकट के दीर्घकालिक समाधान के रूप में सराहा है।
विपक्षी दलों ने इस योजना की वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में प्रभावित किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आगे के कार्यों से पहले विस्तृत ऑडिट और पारदर्शिता की मांग की है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस पहल का बचाव करते हुए कहा कि यह राज्य के विकास एजेंडा के अनुरूप है और रोजगार के अवसर पैदा करेगा। उन्होंने विपक्ष से योजना का समर्थन करने का आग्रह किया, यह बताते हुए कि इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
विरोधी सांसदों ने विधानसभा में परियोजना के लागत अनुमान और पर्यावरणीय मंजूरी की पुनः समीक्षा के लिए प्रस्ताव रखे हैं, जिससे विवाद और तेज हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मतभेद आगामी चुनावी परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।
दोनों पक्ष जल सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हैं, परन्तु वर्तमान योजना की कार्यप्रणाली और वित्तीय समझदारी को लेकर असहमति बनी हुई है।
विपक्षी दलों ने इस योजना की वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में प्रभावित किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आगे के कार्यों से पहले विस्तृत ऑडिट और पारदर्शिता की मांग की है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस पहल का बचाव करते हुए कहा कि यह राज्य के विकास एजेंडा के अनुरूप है और रोजगार के अवसर पैदा करेगा। उन्होंने विपक्ष से योजना का समर्थन करने का आग्रह किया, यह बताते हुए कि इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
विरोधी सांसदों ने विधानसभा में परियोजना के लागत अनुमान और पर्यावरणीय मंजूरी की पुनः समीक्षा के लिए प्रस्ताव रखे हैं, जिससे विवाद और तेज हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मतभेद आगामी चुनावी परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।
दोनों पक्ष जल सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हैं, परन्तु वर्तमान योजना की कार्यप्रणाली और वित्तीय समझदारी को लेकर असहमति बनी हुई है।