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23 अक्टू. 2026•
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आंध्र प्रदेश के छात्र का ब्रेल प्रिंटर जेम्स डायसन अवार्ड 2026 में टॉप 20 में
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arjunaraoc
टेक्नोलॉजी

आंध्र प्रदेश के छात्र का ब्रेल प्रिंटर जेम्स डायसन अवार्ड 2026 में टॉप 20 में

✍️ NDTV 🗓 23 अक्टू. 2026, 03:37 AM 👁 20
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आंध्र प्रदेश के एक छात्र ने अपने नवाचारी ब्रेल प्रिंटर के लिए जेम्स डायसन अवार्ड 2026 में टॉप 20 में जगह बनाई है।

आंध्र प्रदेश के एक युवा अभियांत्रिकी छात्र को प्रतिष्ठित जेम्स डायसन अवार्ड 2026 में टॉप 20 परियोजनाओं में शॉर्टलिस्ट किया गया है। उनका प्रोजेक्ट, एक किफायती ब्रेल प्रिंटर, दृष्टिहीन उपयोगकर्ताओं को स्वतंत्र रूप से ब्रेल दस्तावेज़ बनाने की सुविधा देता है। यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छात्रों द्वारा वास्तविक समस्याओं के समाधान हेतु प्रस्तुत किए गए नवाचारों को सम्मानित करता है, और इस वर्ष सैकड़ों प्रविष्टियों में यह प्रोटोटाइप अपनी पहुँच और सामाजिक प्रभाव के कारण अलग नजर आया। आयोजकों ने बताया कि यह उपकरण ओपन‑सोर्स हार्डवेयर को सरल मैकेनिकल घटकों के साथ जोड़ता है, जिससे यह स्कूलों और NGOs के लिए किफायती बनता है। अब फाइनलिस्ट को नकद पुरस्कार और मेंटरशिप मिलेगी, जिससे प्रिंटर को भारत में व्यापक रूप से वितरित किया जा सकेगा।

जेम्स डायसन अवार्ड, जिसे इंस्टीट्यूशन ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स संचालित करता है, ऐसे अभियांत्रिकी डिज़ाइनों को मान्यता देता है जो अनसुलझी जरूरतों को पूरा करते हैं। इस साल की शॉर्टलिस्ट में नवीकरणीय ऊर्जा समाधान से लेकर चिकित्सा उपकरणों तक विविध प्रोजेक्ट शामिल हैं, जो प्रतियोगिता की विस्तृत सीमा को दर्शाते हैं। आंध्र प्रदेश के छात्र का ब्रेल प्रिंटर इस विविध समूह में शामिल होकर भारत के शैक्षणिक क्षेत्र में समावेशी प्रौद्योगिकी पर बढ़ते ध्यान को उजागर करता है।

सफलता मिलने पर यह प्रिंटर महंगे व्यावसायिक ब्रेल एंबॉसर पर निर्भरता को कम कर सकता है, और दृष्टिहीन छात्रों के लिये किफायती विकल्प प्रदान कर सकता है। विकलांग अधिकार समूहों ने इस विकास का स्वागत किया है और इसे जमीनी स्तर पर पहुँचाने के लिये अतिरिक्त समर्थन की मांग की है।
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