📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arjunaraoc
स्वास्थ्य
आंध्र प्रदेश ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए परिणाम‑आधारित ग्रेडिंग प्रणाली अपनाई
✍️ The New Indian Express
🗓 29 जुल. 2026, 05:06 AM
👁 4
आंध्र प्रदेश ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए पूर्व रैंकिंग प्रणाली को हटाकर परिणाम‑आधारित ग्रेडिंग ढाँचे को अपनाया है, जिससे स्वास्थ्य सेवा के प्रदर्शन का मूल्यांकन बदल रहा है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने अपने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (PHC) के मूल्यांकन में बदलाव की घोषणा की है, पारंपरिक रैंकिंग प्रणाली को हटाकर परिणाम‑आधारित ग्रेडिंग ढाँचे को अपनाया गया है। यह नया ढाँचा स्वास्थ्य परिणामों के आधार पर PHC का मूल्यांकन करेगा, न कि स्थिर मापदंडों पर।
पहले के सिस्टम में PHC को पूर्वनिर्धारित मानदंडों के आधार पर रैंक किया जाता था। नई प्रणाली में रोग नियंत्रण दर, रोगी संतुष्टि जैसे मापनीय स्वास्थ्य परिणामों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह बदलाव सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन में परिणाम‑उन्मुख प्रदर्शन मेट्रिक्स की ओर एक व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है।
अधिकारियों ने कहा कि परिणाम‑आधारित ग्रेडिंग से उन केन्द्रों की पहचान होगी जो वास्तव में गुणवत्ता देखभाल प्रदान कर रहे हैं, और इससे संसाधन आवंटन व सुधार पहलों के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन मिलेगा। यह नया सिस्टम आने वाले महीनों में पूरे राज्य के PHC पर लागू किया जाएगा।
पहले के सिस्टम में PHC को पूर्वनिर्धारित मानदंडों के आधार पर रैंक किया जाता था। नई प्रणाली में रोग नियंत्रण दर, रोगी संतुष्टि जैसे मापनीय स्वास्थ्य परिणामों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह बदलाव सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन में परिणाम‑उन्मुख प्रदर्शन मेट्रिक्स की ओर एक व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है।
अधिकारियों ने कहा कि परिणाम‑आधारित ग्रेडिंग से उन केन्द्रों की पहचान होगी जो वास्तव में गुणवत्ता देखभाल प्रदान कर रहे हैं, और इससे संसाधन आवंटन व सुधार पहलों के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन मिलेगा। यह नया सिस्टम आने वाले महीनों में पूरे राज्य के PHC पर लागू किया जाएगा।