📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ralf Roletschek
कृषि
आंध्र प्रदेश की कृषि में 52% वर्षा घाटे से संकट
✍️ The Times of India
🗓 24 अग. 2026, 03:31 AM
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52% वर्षा घाटे ने आंध्र प्रदेश की कृषि को संकट में डाल दिया, किसान त्वरित राहत की मांग कर रहे हैं।
राज्य के कृषि विभाग ने बताया कि इस मौसम की मानसून वर्षा दीर्घकालिक औसत से 52% कम रही, जिससे बड़े क्षेत्रों में खेतों को पर्याप्त जल नहीं मिला। यह कमी पिछले वर्षों में सबसे गंभीर मानी जा रही है और खरीफ‑रबी दोनों फसल चक्रों को प्रभावित कर रही है।
आंध्र प्रदेश के तटीय और आंतरिक जिलों के किसान देर से बुवाई, फसल की वृद्धि में रुकावट और अपेक्षित उत्पादन में भारी गिरावट की रिपोर्ट कर रहे हैं। जल स्तर घटने और जलाशयों के न्यूनतम स्तर पर पहुँचने के कारण कई किसान आय में भारी कमी और ऋण में वृद्धि का डर झेल रहे हैं।
राज्य अधिकारियों ने आपातकाल मानते हुए बताया कि क्रेडिट में वृद्धि, पंपों के लिए सब्सिडी वाले डीजल और सूखे राहत के लिए फंड की त्वरित रिलीज़ जैसी राहत उपाय तैयार किए जा रहे हैं। किसान संघों ने तुरंत सहायता की मांग की है, यह चेतावनी देते हुए कि जल की कमी जारी रहने पर ग्रामीण संकट और बढ़ सकता है।
कृषि मंत्रालय स्थिति की करीबी निगरानी कर रहा है और यदि कमी आगे भी बनी रहती है तो अतिरिक्त समर्थन के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करने की संभावना है।
आंध्र प्रदेश के तटीय और आंतरिक जिलों के किसान देर से बुवाई, फसल की वृद्धि में रुकावट और अपेक्षित उत्पादन में भारी गिरावट की रिपोर्ट कर रहे हैं। जल स्तर घटने और जलाशयों के न्यूनतम स्तर पर पहुँचने के कारण कई किसान आय में भारी कमी और ऋण में वृद्धि का डर झेल रहे हैं।
राज्य अधिकारियों ने आपातकाल मानते हुए बताया कि क्रेडिट में वृद्धि, पंपों के लिए सब्सिडी वाले डीजल और सूखे राहत के लिए फंड की त्वरित रिलीज़ जैसी राहत उपाय तैयार किए जा रहे हैं। किसान संघों ने तुरंत सहायता की मांग की है, यह चेतावनी देते हुए कि जल की कमी जारी रहने पर ग्रामीण संकट और बढ़ सकता है।
कृषि मंत्रालय स्थिति की करीबी निगरानी कर रहा है और यदि कमी आगे भी बनी रहती है तो अतिरिक्त समर्थन के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करने की संभावना है।