📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arjunaraoc
मौसम
दो लगातार चक्रवातों के बाद आंध्र प्रदेश में भूजल स्तर बढ़ा, रायलासेमा में जल संकट जारी
✍️ The Times of India
🗓 08 नव. 2026, 09:46 PM
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दो लगातार चक्रवातों के बाद आंध्र प्रदेश में भूजल स्तर में सुधार हुआ, पर रायलासेमा में जल तनाव बना हुआ है।
चक्रवात तौका और चक्रवात यास के बाद, 2023 के अंत और 2024 की शुरुआत में, आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भूजल स्तर में स्पष्ट सुधार हुआ। मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दोनों चक्रवातों से हुई वर्षा ने जलभृतों को पुनः भरा, जो सूखे के मौसम में घट चुके थे।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि यह सुधार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में किसानों और घरों के लिए लाभदायक होगा, जहाँ पानी की कमी एक स्थायी समस्या रही है। फिर भी, रायलासेमा क्षेत्र, जो राज्य के दक्षिणी हिस्से में स्थित है, अभी भी गंभीर जल तनाव का सामना कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रायलासेमा को कम वर्षा और कृषि की उच्च मांग के कारण अधिक पानी की आवश्यकता होती है। हाल के चक्रवातीय वर्षा के बावजूद, इस क्षेत्र के भूजल भंडार उसी स्तर पर नहीं लौटे हैं, जिससे भविष्य में पानी की उपलब्धता पर चिंता बढ़ रही है।
सरकार ने रायलासेमा जिलों में वर्षा जल संचयन को बढ़ाने और भूजल स्तर की निगरानी को सुदृढ़ करने की योजनाएँ घोषित की हैं। इस बीच, स्थानीय समुदायों को सूखे के मौसम के आने पर पानी बचाने के उपाय अपनाने के लिए कहा गया है।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि यह सुधार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में किसानों और घरों के लिए लाभदायक होगा, जहाँ पानी की कमी एक स्थायी समस्या रही है। फिर भी, रायलासेमा क्षेत्र, जो राज्य के दक्षिणी हिस्से में स्थित है, अभी भी गंभीर जल तनाव का सामना कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रायलासेमा को कम वर्षा और कृषि की उच्च मांग के कारण अधिक पानी की आवश्यकता होती है। हाल के चक्रवातीय वर्षा के बावजूद, इस क्षेत्र के भूजल भंडार उसी स्तर पर नहीं लौटे हैं, जिससे भविष्य में पानी की उपलब्धता पर चिंता बढ़ रही है।
सरकार ने रायलासेमा जिलों में वर्षा जल संचयन को बढ़ाने और भूजल स्तर की निगरानी को सुदृढ़ करने की योजनाएँ घोषित की हैं। इस बीच, स्थानीय समुदायों को सूखे के मौसम के आने पर पानी बचाने के उपाय अपनाने के लिए कहा गया है।