📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bart Molendijk / Anefo
कृषि
कृषि टीम ने राजीव गांधी विश्वविद्यालय में उन्नत शहद परीक्षण सुविधा का मूल्यांकन किया
✍️ The Arunachal Times
🗓 26 अग. 2026, 08:34 AM
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एक कृषि शोध टीम ने इटानगर के राजीव गांधी विश्वविद्यालय में स्थापित नई शहद परीक्षण सुविधाओं का निरीक्षण किया, उनकी गुणवत्ता नियंत्रण क्षमता का मूल्यांकन किया।
राजीव गांधी विश्वविद्यालय (आरजीयू), इटानगर में कृषि टीम ने हाल ही में स्थापित शहद परीक्षण प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। इस मूल्यांकन में स्थापित विश्लेषणात्मक उपकरणों की क्षमताओं और शहद की शुद्धता व मिलावट की जाँच के मानकों की जाँच की गई।
प्रयोगशाला में आधुनिक स्पेक्ट्रोस्कोपिक और क्रोमैटोग्राफिक उपकरण स्थापित हैं, जो शहद में मौजूद संदूषकों को पहचानने और उसके वनस्पति स्रोत का निर्धारण करने में सक्षम हैं। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि यह सुविधा राष्ट्रीय शहद गुणवत्ता मानकों को पूरा करती है और शोधकर्ताओं व स्थानीय उत्पादकों दोनों के लिए उपयोगी है।
यह मूल्यांकन अरुणाचल प्रदेश के मधुमक्खी पालकों के लिए गुणवत्ता आश्वासन को सुदृढ़ करने में मदद करेगा, जहाँ शहद निर्यात का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन रहा है। विश्वसनीय परीक्षण सेवाओं के माध्यम से स्थानीय किसानों का भरोसा बढ़ेगा और प्रामाणिक क्षेत्रीय शहद के नए बाजार अवसर खुलेंगे।
विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस मूल्यांकन के परिणामों के आधार पर प्रयोगशाला में आगे के सुधार और स्टाफ के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लागू किया जाएगा, ताकि उद्योग की बदलती जरूरतों के साथ तालमेल बना रहे।
प्रयोगशाला में आधुनिक स्पेक्ट्रोस्कोपिक और क्रोमैटोग्राफिक उपकरण स्थापित हैं, जो शहद में मौजूद संदूषकों को पहचानने और उसके वनस्पति स्रोत का निर्धारण करने में सक्षम हैं। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि यह सुविधा राष्ट्रीय शहद गुणवत्ता मानकों को पूरा करती है और शोधकर्ताओं व स्थानीय उत्पादकों दोनों के लिए उपयोगी है।
यह मूल्यांकन अरुणाचल प्रदेश के मधुमक्खी पालकों के लिए गुणवत्ता आश्वासन को सुदृढ़ करने में मदद करेगा, जहाँ शहद निर्यात का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन रहा है। विश्वसनीय परीक्षण सेवाओं के माध्यम से स्थानीय किसानों का भरोसा बढ़ेगा और प्रामाणिक क्षेत्रीय शहद के नए बाजार अवसर खुलेंगे।
विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस मूल्यांकन के परिणामों के आधार पर प्रयोगशाला में आगे के सुधार और स्टाफ के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लागू किया जाएगा, ताकि उद्योग की बदलती जरूरतों के साथ तालमेल बना रहे।