📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
मौनी रॉय ने सवां में काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रार्थना की
✍️ Mid-Day
🗓 23 अग. 2026, 03:18 PM
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बॉलीवुड अभिनेत्री मौनी रॉय ने सवां के पावन महीने में काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रार्थना की, जबकि वह अपने पति से अलगाव में हैं।
बॉलीवुड की प्रमुख अभिनेत्री मौनी रॉय ने सवां महीने के दौरान उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर का दौरा किया। वह मंदिर के प्रांगण में अर्चना के दौरान फूल चढ़ाते और भगवान शिव को प्रसाद अर्पित करते देखी गईं। सवां के पावन माह में श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना के लिए इस मंदिर की ओर आकर्षित होते हैं।
स्थानीय मीडिया और प्रशंसकों ने इस यात्रा को नोट किया, यह बताते हुए कि मौनी रॉय व्यक्तिगत कारणों से चर्चा में हैं, परंतु उन्होंने मंदिर में अपने निजी जीवन के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की। रिपोर्टों के अनुसार, वह वर्तमान में अपने पति से अलगाव में हैं, पर यह बात उनके आध्यात्मिक कर्तव्य से अलग रखी गई।
पर्यवेक्षकों ने कहा कि इस पवित्र स्थल पर एक सेलिब्रिटी की उपस्थिति ने भक्तों के बीच उत्साह बढ़ाया और यह दर्शाता है कि काशी विश्वनाथ मंदिर सभी वर्गों के लोगों को समान रूप से आकर्षित करता है। मौनी रॉय या उनके प्रतिनिधियों की ओर से इस यात्रा के संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया।
काशी विश्वनाथ मंदिर, जो हिंदू धर्म में शिव जी के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है, सवां के महीने में विशेष पूजा, अभिषेक और भक्तियों की भीड़ के कारण और भी अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाता है।
स्थानीय मीडिया और प्रशंसकों ने इस यात्रा को नोट किया, यह बताते हुए कि मौनी रॉय व्यक्तिगत कारणों से चर्चा में हैं, परंतु उन्होंने मंदिर में अपने निजी जीवन के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की। रिपोर्टों के अनुसार, वह वर्तमान में अपने पति से अलगाव में हैं, पर यह बात उनके आध्यात्मिक कर्तव्य से अलग रखी गई।
पर्यवेक्षकों ने कहा कि इस पवित्र स्थल पर एक सेलिब्रिटी की उपस्थिति ने भक्तों के बीच उत्साह बढ़ाया और यह दर्शाता है कि काशी विश्वनाथ मंदिर सभी वर्गों के लोगों को समान रूप से आकर्षित करता है। मौनी रॉय या उनके प्रतिनिधियों की ओर से इस यात्रा के संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया।
काशी विश्वनाथ मंदिर, जो हिंदू धर्म में शिव जी के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है, सवां के महीने में विशेष पूजा, अभिषेक और भक्तियों की भीड़ के कारण और भी अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाता है।