Politics
आईएएस अधिकारी के सामने आम नागरिक का दृढ़ संवाद, सोशल मीडिया पर वायरल
एक वायरल वीडियो में एक करदाता ने आईएएस अधिकारी से नियुक्ति न होने पर सवाल उठाते हुए सार्वजनिक सेवा की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला।
एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एक करदाता अपने अधिकारों के बारे में आईएएस अधिकारी से संवाद करता दिखाया गया है। नागरिक ने अधिकारी से पूछा कि क्या उसके पास नियुक्ति है और कहा कि अधिकारी जनता का नौकर है।
आईएएस अधिकारी ने कहा, क्या तुम्हारे पास नियुक्ति है? बाद में आना। करदाता ने उत्तर दिया, क्योंकि आप सार्वजनिक सेवक हैं, आपको जनता की सेवा करनी चाहिए। इस संवाद में नागरिक ने अधिकारी को उसकी वास्तविक भूमिका याद दिलाई।
वहीं बैठी एक महिला अधिकारी ने इस वार्तालाप को सुनकर बड़बड़ाना शुरू कर दिया। करदाता ने फिर कहा, मैडम, आपने कहा कि बाद में आना? आप सार्वजनिक सेवक हैं, यही कारण है कि मैं यहाँ खड़ा हूँ।
यह घटना दर्शाती है कि कुछ अधिकारी कुर्सी पर बैठते ही अपनी जिम्मेदारी भूल जाते हैं, जबकि लोकतंत्र में जनता ही मालिक है और अधिकारी जनता के सेवक होते हैं।
ऐसे जागरूक नागरिकों की आवश्यकता है जो संविधान और अपने अधिकारों को समझें और किसी भी अधिकारी को जनता से ऊपर न मानें।
आईएएस अधिकारी ने कहा, क्या तुम्हारे पास नियुक्ति है? बाद में आना। करदाता ने उत्तर दिया, क्योंकि आप सार्वजनिक सेवक हैं, आपको जनता की सेवा करनी चाहिए। इस संवाद में नागरिक ने अधिकारी को उसकी वास्तविक भूमिका याद दिलाई।
वहीं बैठी एक महिला अधिकारी ने इस वार्तालाप को सुनकर बड़बड़ाना शुरू कर दिया। करदाता ने फिर कहा, मैडम, आपने कहा कि बाद में आना? आप सार्वजनिक सेवक हैं, यही कारण है कि मैं यहाँ खड़ा हूँ।
यह घटना दर्शाती है कि कुछ अधिकारी कुर्सी पर बैठते ही अपनी जिम्मेदारी भूल जाते हैं, जबकि लोकतंत्र में जनता ही मालिक है और अधिकारी जनता के सेवक होते हैं।
ऐसे जागरूक नागरिकों की आवश्यकता है जो संविधान और अपने अधिकारों को समझें और किसी भी अधिकारी को जनता से ऊपर न मानें।