📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
अपराध
सीएम शिवाकुमार की बाजार यात्रा के बाद कर्नाटक में 800 बालश्रमिक बचाए गए
✍️ indianexpress.com
🗓 13 सित. 2026, 07:47 PM
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राज्य प्राधिकरणों ने कर्नाटक भर में लगभग 800 बालश्रमिकों को मुक्त किया, यह कार्रवाई सीएम बसवराज शिवाकुमार की बाजार यात्रा के कुछ ही दिनों बाद शुरू हुई।
कर्नाटक पुलिस ने बाल कल्याण विभाग के सहयोग से विभिन्न अनौपचारिक क्षेत्रों में काम करने वाले लगभग 800 नाबालिगों को बचाया। इस अभियान को राज्य के कई जिलों में समन्वित किया गया और यह सीएम बसवराज शिवाकुमार की एक स्थानीय बाजार यात्रा के बाद शुरू हुआ, जिसमें बालश्रम को रोकने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि बचाए गए बच्चों को सरकारी बाल देखभाल गृहों में ले जाया गया, जहाँ उन्हें चिकित्सीय जांच, मनोवैज्ञानिक परामर्श और स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा। बच्चों के परिवारों को बाल श्रम प्रतिबंध अधिनियम के बारे में जागरूक किया जा रहा है और वैध आजीविका विकल्प प्रदान करने के लिए सहायता दी जा रही है।
यह बचाव अभियान कर्नाटक में बाल श्रम प्रतिबंध और नियमन अधिनियम को लागू करने और बाजार व छोटे उद्यमों में निगरानी को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों ने अन्य जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में अचानक जाँच करने की योजना भी घोषित की है, ताकि आगे के शोषण को रोका जा सके।
इस कदम को कर्नाटक में बाल श्रम समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति माना गया है, परंतु अधिकारी यह भी चेतावनी देते हैं कि बचाए गए बच्चों को शिक्षा में बनाए रखने और फिर से काम पर लौटने से रोकने के लिए सतत निगरानी और समुदाय के सहयोग की आवश्यकता होगी।
अधिकारियों ने बताया कि बचाए गए बच्चों को सरकारी बाल देखभाल गृहों में ले जाया गया, जहाँ उन्हें चिकित्सीय जांच, मनोवैज्ञानिक परामर्श और स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा। बच्चों के परिवारों को बाल श्रम प्रतिबंध अधिनियम के बारे में जागरूक किया जा रहा है और वैध आजीविका विकल्प प्रदान करने के लिए सहायता दी जा रही है।
यह बचाव अभियान कर्नाटक में बाल श्रम प्रतिबंध और नियमन अधिनियम को लागू करने और बाजार व छोटे उद्यमों में निगरानी को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों ने अन्य जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में अचानक जाँच करने की योजना भी घोषित की है, ताकि आगे के शोषण को रोका जा सके।
इस कदम को कर्नाटक में बाल श्रम समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति माना गया है, परंतु अधिकारी यह भी चेतावनी देते हैं कि बचाए गए बच्चों को शिक्षा में बनाए रखने और फिर से काम पर लौटने से रोकने के लिए सतत निगरानी और समुदाय के सहयोग की आवश्यकता होगी।