📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Daniel Buckles
अपराध
आंध्र प्रदेश के कोयला स्थल पर 38 कटकरी जनजातियों को बंधुआ श्रम से मुक्त किया गया
✍️ The Times of India
🗓 25 अग. 2026, 03:20 AM
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पुलिस और श्रम अधिकारियों ने आंध्र प्रदेश के कोयला स्थल पर बंधुआ श्रम में फँसे 38 कटकरी जनजातियों को मुक्त किया, और एक महिला ने बचाव के दौरान 'ए' नाम का बच्चा जन्म दिया।
आंध्र प्रदेश के एक कोयला खनन स्थल पर बंधुआ श्रम की सूचना मिलने पर पुलिस और श्रम विभाग के अधिकारियों ने एक छापेमारी की। इस कार्रवाई में कटकरी जनजाति के 38 लोगों को जबरन काम करने से मुक्त किया गया।
बचाए गए लोगों में एक गर्भवती महिला भी थी, जिसने इस दौरान बच्चा जन्म दिया। बच्चे का नाम माँ ने "ए" रखा। माँ‑बच्चे को तथा अन्य बचाए गए श्रमिकों को स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत चिकित्सा जांच और सुरक्षा प्रदान की।
यह घटना राज्य के खनन क्षेत्र में चल रहे बंधुआ श्रम के मुद्दे को फिर से उजागर करती है। अधिकारियों ने कहा कि साइट के मालिकों की जाँच की जाएगी और इस प्रकार की शोषण में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बचाए गए कटकरी जनजातियों को अस्थायी आश्रय और मनोवैज्ञानिक सहायता दी जा रही है, जबकि पुलिस बंधुआ श्रम के नेटवर्क की गहरी जाँच जारी रखेगी।
बचाए गए लोगों में एक गर्भवती महिला भी थी, जिसने इस दौरान बच्चा जन्म दिया। बच्चे का नाम माँ ने "ए" रखा। माँ‑बच्चे को तथा अन्य बचाए गए श्रमिकों को स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत चिकित्सा जांच और सुरक्षा प्रदान की।
यह घटना राज्य के खनन क्षेत्र में चल रहे बंधुआ श्रम के मुद्दे को फिर से उजागर करती है। अधिकारियों ने कहा कि साइट के मालिकों की जाँच की जाएगी और इस प्रकार की शोषण में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बचाए गए कटकरी जनजातियों को अस्थायी आश्रय और मनोवैज्ञानिक सहायता दी जा रही है, जबकि पुलिस बंधुआ श्रम के नेटवर्क की गहरी जाँच जारी रखेगी।